वाराणसी। यूपी कालेज और गवर्न्टमेंट गर्ल्स पीजी कॉलेज के साथ मिलकर आईआईटी मद्रास ने वाराणसी के गांवों तक आधुनिक शिक्षा पहुंचाने के लिए विद्या शक्ति योजना के तहत ‘सॉफ्टवेयर परीक्षण और डेटा विश्लेषण पर अपस्किल प्रोग्राम’ का शुभारंभ हुआ। अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने किया। मुख्य अथिति आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कमाकोटी ने बताया कैसे विद्या शक्ति योजना की शुरुआत तमिलनाडु से हुई। काशी तमिल संगमम के दौरान इस योजना का वाराणसी में विस्तार का विचार आया। उन्होंने डिजिटल एजुकेशन, विद्या शक्ति योजना के लक्ष्यों, डेटा सिक्योरिटी एंड डेटा प्रोटेक्शन के महत्व को रेखांकित किया। प्रो. कामाकोटी ने नारी शक्ति को डिजिटल एजुकेशन से जोड़कर स्वरोजगार को बढ़ने पर बल दिया। विद्या शक्ति के समन्वयक डॉ. जितेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि कार्यक्रम में एक एक घंटे के दो दैनिक प्रशिक्षण सत्र होंगे। प्रशिक्षण 12 सप्ताह तक चलेगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से यूपी कॉलेज और गवर्नमेंट गर्ल्स डिग्री कॉलेज के 500 से अधिक छात्रों को सॉफ्टवेयर परीक्षण और डेटा विश्लेषण में अत्याधुनिक कौशल के विभिन्न पहलुओं पर आईआईटी मद्रास के अनुभवी पेशेवरों के नेतृत्व में ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी वाराणसी डा. बीके त्रिपाठी ने बताया कि आईआईटी मद्रास की इस पहल से ग्रामीण अंचल के युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण से रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। डा. देवेंद्र कुमार सिंह इंचार्ज यूजीसी सेल ने आईआईटी मद्रास से इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल यूपी कालेज (आईआईसी-यूपीसी ) के साथ मिलकर कॉलेज में एक इनक्यूबेशन सेंटर खोलने के लिए आग्रह किया जिसे प्रो वी कमाकोटि ने तुरंत स्वीकार कर लिया।‌ स्वागत प्राचार्य प्रो. डीके सिंह और धन्यवाद ज्ञापन गवर्नमेंट गर्ल्स डिग्री कॉलेज की प्राचार्य प्रो. शुभलक्ष्मी त्रिपाठी ने किया। संचालन प्रो. तुमुल सिंह ने किया। इस अवसर पर आईआईसी-यूपीसी के अध्यक्ष प्रो. आशुतोष गुप्ता आदि थे।

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