
रानी लक्ष्मी बाई की जन्मस्थली दुर्व्यवस्था का शिकार ठीक करें जिला प्रशासन- अशोक पांडे
वाराणसी।वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की 168 वी पुण्यतिथि गुरुवार को उनके भदैनी स्थित जन्मस्थली पर मनाई गई ।
जागृति फाउंडेशन एवं महारानी लक्ष्मीबाई जन्म स्थान स्मारक समिति के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय समारोह के दूसरे दिन का शुभारंभ मुख्य अतिथि अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास, संकट मोचन मंदिर के महंत एवं बीएचयू आईआईटी के प्रोफेसर विश्वम्भर नाथ मिश्र, विशिष्ट अतिथि भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अशोक पांडे काशी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर देवव्रत चौबे एवं जागृति फाउंडेशन के महासचिव समाजसेवी रामयश मिश्र ने संयुक्त रुप से वीरांगना के चित्र पर माल्यार्पण करके किया। समारोह का प्रमुख आकर्षण महारानी के रूप में महारानी का स्वरूप धारण किए सौभाग्य मौर्य नामक छात्रा थी वह महारानी का वेश भूषा धारण करके जन्मस्थली पर आई थी और उनको नमन किया।
दिव्यांग रंगकर्मी राजकुमार जी ने रानी के जीवन पर रचित एक सुंदर नाटक का मंचन भी किया। पुण्यतिथि समारोह को संबोधित करते हुए महंत प्रोफ़ेसर विश्वम्भर नाथ मिश्र ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम मे अंग्रेजों के दांत खट्टे करने वाली वीरांगना झांसी की रानी महारानी लक्ष्मी बाई काशी की बेटी थी । काशी की माटी ने ही उन्हें स्वतंत्र रहना सिखाया। काशी का संस्कार ही था जिससे वह हर लड़ाई जीती और उन्होंने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अमूल्य योगदान देते यह संदेश दिया कि महिलाएं किसी से कम नहीं है वह चाहे तो देश और समाज को बदल सकती है। हम उनको सादर नमन करते हैं । काशी की बेटी ने देश की आजादी की लड़ाई में जो कार्य किया है वह यह सिद्ध करता है कि वह एक मजबूत महिला थी और किसी के आगे अपना सर झुकाने को तैयार नहीं थी। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अशोक पांडे ने कहा कि नागेश सिंह ने कहा कि हमें गर्व है कैसी वीरांगना काशी की धरती पर जन्म ली और देश के आजादी के लिए अपना प्राण भी न्योछावर कर ददी ऐसी वीरांगना को शत-शत नमन। अशोक पांडे ने महारानी लक्ष्मी बाई की जन्मस्थली पर दुर्व्यवस्था देखकर काफी दुखी हुए और उन्होंने जिला प्रशासन से इसे ठीक करने की अपील करते हुए कहा कि कम से कम महारानी लक्ष्मीबाई के जन्म तिथि और पुण्यतिथि पर सरकारी आयोजन करके उनका नमन करें जिला प्रशासन। डॉक्टर देवव्रत चौबे ने कहा कि हमें महारानी लक्ष्मी बाई के जीवन से सीख लेनी चाहिए और देश के विकास में योगदान करना चाहिए। काशी विश्वविद्यालय के छात्र संघ के पूर्व पदाधिकारी एवं समाजवादी नेता डॉ सूबेदार सिंह
ने कहा कि आज वीरांगना के जन्मस्थली पर आकर काफी गर्व की अनुभूति हुई लेकिन यहां पर पहले दुर्व्यवस्था को देखकर मन दुखी हो गया महारानी की महारानी के चित्र की पेंटिंग जगह-जगह से उखड़ी हुई है दीवाल पर लगे पत्थर गिर रहे हैं और चारों तरफ दुर्व्यवस्था फैला हुआ है । यह देखकर मन काफी दुखी हो गया कि हम ऐसे अपनी विरांगना की जन्मस्थली को रखे हुए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से ठीक करने की अपील भी की। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक एवं जागृति फाउंडेशन के महासचिव रामयश मिश्र ने कहा कि उनकी पुण्यतिथि पर हम केंद्र और राज्य सरकार से मांग करते हैं की महारानी के नाम पर वीरांगना एक्सप्रेस चलाई जाए जो काशी से चलकर उनकी शहीद स्थली ग्वालियर तक जाएं। समाजसेवी सीपी जैन ने कहा कि महारानी के इस जन्मस्थली को पैटर्न स्थल के रूप में विकसित किया जाए इसका प्रचार प्रसार हो कि लोग यहां पर आएं । मानस मर्मज्ञ राघवेंद्र पांडे एवं समाजसेवी मनोज यादव ने भी महारानी को नमन करते हुए कहा कि वीरांगना की जन्मस्थली को और विकसित करना होगा ताकि लोग यहां पर आए और उनके बारे में जाने। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन जागृति फाउंडेशन के महासचिव रामयश मिश्रा ने किया तथा धन्यवाद विश्वनाथ यादव उर्फ छेदी यादव ने किया । इस अवसर पर विनोद पांडे, स्वर्ण प्रताप चतुर्वेदी, राजेश कुमार दीक्षित, हृदय नारायण मिश्रा, डॉक्टर सनी सिंह, गायत्री कुमारी मौर्या, प्राची गुप्ता विश्वनाथ यादव उर्फ छेदी यादव, हरीनाथ गौड़, ज्ञानू पांडे सहित नगर के गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन रामयश मिश्र ने किया ।












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