
प्रतियोगिताओं के विजेताओं को दीक्षांत समारोह में राज्यपाल करेंगी सम्मानित
वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के 44 वें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए पांच गांवों-मुनारी, तिवारीपुर, गोपपुर, गुरुवट एवं भोपापुर-के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में चित्रकला, निबंध लेखन एवं भाषण प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया।
यह आयोजन कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में संचालित ग्राम गोद योजना के अंतर्गत संपन्न हुआ।
उल्लेखनीय है कि कुलाधिपति के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए इन गांवों में समय-समय पर शिक्षा, संस्कार, पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। इसी क्रम में 44 वें दीक्षांत समारोह की श्रृंखला के अंतर्गत ‘मेरी माँ’ विषय पर चित्रकला, निबंध लेखन एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन प्रो. दिनेश कुमार गर्ग की अध्यक्षता तथा डॉ. विजय कुमार शर्मा के संयोजन में सम्पन्न हुआ।
प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा, अभिव्यक्ति क्षमता एवं भारतीय पारिवारिक मूल्यों के प्रति संवेदनशीलता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने विश्वविद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच मिलता है तथा उच्च शिक्षा के प्रति नई प्रेरणा और जागरूकता का वातावरण तैयार होता है।
विश्वविद्यालय के सरंक्षक एवं
कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रहा है। कुलाधिपति की प्रेरणा से गोद लिए गए गांवों में शिक्षा एवं संस्कार आधारित गतिविधियों का उद्देश्य ग्रामीण विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचान देना और उन्हें उच्च शिक्षा से जोड़ना है।
उन्होंने कहा, “ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में अपार प्रतिभा निहित है। आवश्यकता केवल उन्हें उचित अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने की है। विश्वविद्यालय का यह प्रयास विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता तथा उत्कृष्टता की भावना विकसित करेगा। दीक्षांत समारोह केवल उपाधियाँ प्रदान करने का अवसर नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का महापर्व है। विकसित भारत-2047 के निर्माण में ऐसी प्रतिभाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. दिनेश कुमार गर्ग ने बताया कि प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के 44वें दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल अपने करकमलों से सम्मानित करेंगी।
कार्यक्रम में निर्णायक के रूप में डॉ. ज्ञानेन्द्र सापकोटा एवं डॉ. अखिलेश कुमार ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।











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