विश्व शांति एवं राष्ट्र कल्याण की मंगलकामना के साथ निकली काशी के कोतवाल बाबा श्री काल भैरव की 72वीं दिव्य शोभायात्रा

‘हर-हर महादेव’ और ‘बाबा काल भैरव की जय’ के गगनभेदी जयघोष से गूंजी काशी, स्वर्णिम रथ पर विराजमान बाबा के दिव्य दर्शन को उमड़ा जनसैलाब

 

“काशी के कोतवाल बाबा श्री काल भैरव की कृपा समस्त मानवता पर बनी रहे, यही इस दिव्य शोभायात्रा का मूल संदेश है।”

 

 

भीषण गर्मी के बावजूद भक्तगण ताड़ का पंखा रास्ते भर डोलाते रहे

 

 

 

वाराणसी। धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कृति की विश्व राजधानी काशी ने गुरुवार को एक बार फिर उस दिव्य क्षण का साक्षात्कार किया, जब काशी के कोतवाल, न्याय एवं धर्म के अधिष्ठाता भगवान श्री काल भैरव स्वयं अपने भक्तों को दर्शन एवं आशीर्वाद देने नगर भ्रमण पर निकले। जैसे ही स्वर्णिम रथ पर विराजमान बाबा श्री काल भैरव की स्वर्ण-रजत पंचबदन प्रतिमा ने नगर भ्रमण प्रारंभ किया, संपूर्ण काशी “हर-हर महादेव” और “जय बाबा काल भैरव” के गगनभेदी उद्घोष से गुंजायमान हो उठी। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर बाबा का स्वागत किया और विश्व शांति, राष्ट्र की समृद्धि तथा जनकल्याण की मंगलकामना की।

सन् 1954 से चली आ रही इस ऐतिहासिक एवं गौरवशाली परंपरा के अंतर्गत स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी, वाराणसी द्वारा आयोजित 72वीं भव्य शोभायात्रा में पूर्वांचल सहित काशी के हजारों श्रद्धालु, स्वर्णकार समाज के सभी संस्थाओं के पदाधिकारी, संत-महात्मा, पीठाधीश्वर, जनप्रतिनिधि, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्मिलित हुए। *धार्मिक उल्लास, अनुशासन और सांस्कृतिक गरिमा से परिपूर्ण इस आयोजन ने काशी की प्राचीन परंपरा और स्वर्णकार समाज की धार्मिक एवं सामाजिक एकरूपता का प्रभावशाली परिचय दिया।*

चौखंभा स्थित काठ की हवेली से वैदिक मंत्रोच्चार, अनवरत शंखनाद और डमरुओं की दिव्य ध्वनि के बीच शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। अध्यक्ष घनश्याम सेठ ‘बच्चा’, महामंत्री राजू वर्मा, कोषाध्यक्ष विक्रम सिंह,शोभायात्रा मंत्री जनार्दन वर्मा एवं कमेटी के पदाधिकारियों ने भगवान की विधिवत आरती उतारकर शोभायात्रा का शुभारंभ किया।

शोभायात्रा में सबसे आगे धर्मध्वजाएं लिए श्रद्धालु चल रहे थे। उनके पीछे ताशा – बाजा, पाइप बैंड, 11 छत्रधारी अश्वों पर सवार देवस्वरूप, आकर्षक धार्मिक झांकियां तथा भगवान राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती, मां काली, मां दुर्गा और श्रीहनुमान के सजीव स्वरूप श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रहे थे। माता वैष्णो देवी तथा गोविंदेश्वर महादेव की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जबकि डमरुओं की गूंज और शहनाई की मधुर स्वर लहरियों ने वातावरण को पूर्णतः शिवमय बना दिया। न्यू इवेंट प्लानर की टीम द्वारा प्रस्तुत भजनों ने पूरे मार्ग को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।

शोभायात्रा के दौरान कमेटी के संस्थापक स्वर्गीय किशुनदास जी एवं स्वर्गीय भिखू सेठ जी की सुसज्जित झांकी श्रद्धांजलि स्वरूप साथ चल रही थी। मार्ग भर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। रास्ते में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं ने पुष्पवर्षा, आरती एवं शीतल पेय सेवा के माध्यम से बाबा का भव्य स्वागत किया।

कमेटी के सभी पदाधिकारी पारंपरिक केसरिया पगड़ी में सनातन संस्कृति की गरिमा का संदेश देते हुए शोभायात्रा का नेतृत्व कर रहे थे।

यह भव्य शोभायात्रा अपने पारंपरिक मार्ग चौखंभा, बीबीहटिया, जतनबर, विशेश्वरगंज, महामृत्युंजय, दारानगर, मैदागिन, बुलानाला, चौक, नारियल बाजार, गोविंदपुरा, ठठेरी बाजार, सोराकुआं एवं गोलघर होते हुए श्री काल भैरव मंदिर पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा की भव्य महाआरती संपन्न हुई तथा प्रतिमा को पुनः मंदिर में प्रतिष्ठित किया गया।

सायंकाल पंडित जय कृष्ण दीक्षित के आचार्यत्व में 11 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा श्रीराम मंदिर में बसंत पूजन एवं विशेष वैदिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। रात्रि महाआरती तक हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया।

शोभायात्रा के पूर्व कमेटी के संरक्षक श्याम सुंदर सिंह के नेतृत्व में अनुज गौतम, संदीप सेठ, जितेंद्र सेठ, संजय सेठ, महेश सिंह आदि ने रथ को तैयार किया। शोभायात्रा के संचालन व्यवस्था में शोभायात्रा मंत्री जनार्दन वर्मा के साथ नागरिक सुरक्षा कोतवाली प्रखंड के स्वयंसेवक वाकी टाकी लेकर कमेटी के पदाधिकारी के साथ कुशल व व्यवस्थित सहयोग किया। सूचना मंत्री संदीप सेठ के नेतृत्व में 15 सदस्य दल रथ खींच रहे थे।

मीडिया संयोजक डॉ. कैलाश सिंह विकास एवं किशोर कुमार सेठ ने बताया कि बाबा श्री काल भैरव की यह शोभायात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक चेतना और लोककल्याण का विराट उत्सव है। बाबा से विश्व में शांति, भारत की निरंतर उन्नति, समाज की समृद्धि तथा प्रत्येक परिवार के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की गई।

जनप्रतिनिधि व विशिष्ट जन रहे उपस्थित

आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉक्टर दयाशंकर मिश्र “दयालु”, विधायक व पूर्व मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी, पाषर्दगण संजय विश्वंभरी, मनोज यादव, कनकलता मिश्रा, पूर्व पाषर्दगण बृजकिशोर दास, रविशंकर सिंह, अशोक सेठ, किशोर सेठ, मनोज सिंह, मनोज सिंह आदि मौजूद रहे। इन अतिथियों को अंगवस्त्र प्रदान कर इनका अभिनंदन किया गया।

विशिष्ट अतिथि

ईश्वर दयाल सिंह सेठ, महामृत्युंजय मंदिर महंत किशन दीक्षित, शिव गोपाल सर्राफ, कमलेश चंद्र वर्मा, राकेश वर्मा, सुमित वर्मा चंदू, सत्यनारायण सेठ, विजय चौधरी, अन्ना मोरे, संतोष पाटिल आदि।

शोभायात्रा में कमेटी परिवार से

घनश्याम दास, गंगाराम जी, सरोज सेठ, विनोद कुमार सेठ, श्याम सुंदर सिंह, रवि सर्राफ, कृष्ण कुमार सेठ, मुरली मनोहर सिंह, कमल कुमार सिंह, नरसिंह दास, शैलेश चंद्र वर्मा, अशोक वर्मा, दुर्गा प्रसाद एडवोकेट, देवकांत वर्मा, अनुज गौतम, सत्य प्रकाश सेठ, श्याम कुमार सर्राफ, विक्रम सिंह, प्रताप सिंह, अवधेश सेठ, अमित सोनी, सुरेंद्र सेठ एडवोकेट, विशाल सेठ, रवि शंकर, आशीर्वाद सिंह, महेश सिंह, जितेंद्र सेठ, हनी सेठ, कृष्ण कुमार पवार, किशन सेठ, अजीत सोनी, श्याम जी सेठ, मनोज सेठ, संजय वर्मा, सर्वेश वर्मा, अनूप गौतम, राजेश सोनी, नीरज सेठ, विनोद सेठ, राम प्रकाश लाले ,शिव शंकर सेठ, निरंजन सोनी, प्रकाश सेठ सहित हजारों लोग शामिल रहे।

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