ढोल,नगाड़े की थाप पर पुष्पवर्षा कर भक्तगण करेंगे भव्य स्वागत

 

वाराणसी।परमाराध्य परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती 1008 अपना 21वाॅ चातुर्मास्य व्रत पूर्ण कर मध्य प्रदेश के परमहंसी गंगा आश्रम से सीमोल्लंघन के पश्चात् सिवनी होते हुए गुरुवार को सायंकाल काशी पधारेंगे।शंकराचार्य जी महाराज के काशी पधारने पर सैकड़ों की संख्या में उपस्थित संत, वैदिक विद्वान,बटुक विद्यार्थी व भक्तगण ढोल,नगाड़े के थाप पर उद्घोष व पुष्पवर्षा कर स्वागत करते हुए सोनारपुरा चौराहे से शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ तक ले जायेंगे।श्रीविद्यामठ में भक्तगण पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज का चरण पादुका पूजन कर उनका वंदन व अभिनंदन करेंगे।

ज्ञातव्य है कि विगत दिनों काशी में पूज्यपाद ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य जी महाराज ने यह इच्छा व्यक्त की थी कि कोरोना काल में जितने भी लोग देश और विदेश में मृत्यु को प्राप्त हुए और जिन लोगों का विधि-विधान से अन्तिम संस्कार तक नहीं हो पाया था उन सबकी सद्गति के लिए काशी में श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा आयोजित होगी और वैदिक पण्डितों द्वारा उन सबके लिए तर्पण आदि धार्मिक कृत्य भी सम्पन्न होंगे; अपनी इसी इच्छा को मूर्त रूप देने वे काशी पधार रहे हैं।

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