
बाबा कीनाराम जी की 427 वीं जयंती
रिपोर्ट अनुपम भट्टाचार्य
वाराणसी। अघोरपीठ हरिश्चंद्र घाट काशी द्वारा अघोर चतुर्दशी के पावन अवसर पर परमपूज्य अवधूत श्रेष्ठ बाबा कीनाराम जी की 427 वीं जयंती श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण में मनाई जाएगी। अघोरपीठ की ओर से दो दिवसीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान हरिश्चंद्र घाट स्थित महाश्मशान में विशेष पूजन-अनुष्ठान के साथ काशी की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को समर्पित भव्य सांस्कृतिक संध्या ‘एक शाम महाकाल के नाम’ आयोजित की जाएगी।
उक्त जानकारी अघोरपीठ हरिश्चंद्र घाट काशी के पीठाधीश्वर अवधूत उग्र चंडेश्वर कपाली महाराज ने पत्रकारों दी।
कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 09 सितंबर की मध्यरात्रि 11 बजे से श्मशान पीठ पूजन का आयोजन किया जाएगा। अघोर परंपरा में श्मशान पीठ पूजन का विशेष आध्यात्मिक एवं धार्मिक महत्व है। इसके उपरांत साधकों के आध्यात्मिक उत्थान और साधना की पूर्णता के लिए योगिनी चक्र पूजन का अनुष्ठान संपन्न होगा।
उन्होंने बताया कि 10 सितंबर 2026 को हरिश्चंद्र घाट स्थित चेत सिंह किला के प्रांगण में भव्य सांस्कृतिक संध्या ‘एक शाम महाकाल के नाम’ का आयोजन किया जाएगा। इसमें शास्त्रीय वादन, शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय संगीत के साथ लोक संगीत और भक्ति संगीत की विभिन्न विधाओं की प्रस्तुतियां होंगी।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक राजन तिवारी के साथ प्रभुनाथ राय (दाढ़ी), सम्राट मदन राय, भजन सम्राट बलवंत सिंह, डॉ. अमलेश शुक्ला, श्रद्धा पांडेय, पुनीत पागल बाबा, रिया राज, रोहित वर्मा (आदित्य), पूजा मोदनवात्र, प्रियंका तिवारी, ओम तिवारी, अभिमन्यु मौर्य, राहुल पांडेय, नितिन तिवारी और गणेश मिश्रा सहित अनेक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
उन्होंने ने बताया श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रमुख शहनाई वादक महेंद्र प्रसन्ना के शहनाई वादन से सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ होगा।
देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले कलाकार हरिश्चंद्र घाट स्थित बाबा मशान नाथ के दरबार में अपनी कला के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
अघोरपीठ के पीठाधीश्वर अवधूत उग्र चंडेश्वर कपाली महाराज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक महत्वपूर्ण मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि बाबा कीनाराम जी का जीवन, उनकी साधना और उनकी अघोर परंपरा काशी सहित पूर्वांचल की आध्यात्मिक विरासत से गहराई से जुड़ी हुई है। बाबा कीनाराम जी की जन्मभूमि से जुड़ी स्मृतियों और उनके आध्यात्मिक योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से चंदौली जनपद का नाम बदलकर ‘संत कीनाराम’ किए जाने पर सरकार को विचार करना चाहिए।
कपाली महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह करते हुए कहा कि संत कीनाराम के नाम पर चंदौली का नामकरण उनकी महान आध्यात्मिक विरासत के प्रति सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक होगा। उन्होंने कहा कि बाबा कीनाराम जी ने अपनी साधना और मानव कल्याण के संदेश के माध्यम से समाज को आध्यात्मिक चेतना प्रदान की। ऐसे महान संत के नाम से जनपद का नाम जुड़ना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने कहा कि यह केवल नाम परिवर्तन का विषय नहीं, बल्कि संत परंपरा, अघोर साधना और काशी-पूर्वांचल की आध्यात्मिक विरासत को सम्मान देने का विषय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मांग पर सकारात्मक रूप से विचार करेंगे।

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