
रिपोर्ट उपेन्द्र कुमार पांडेय
आजमगढ़।श्री शिवा डिग्री कॉलेज, में आयोजित तीन दिवसीय ‘प्रतिभा खोज–2026’ अंतर-विद्यालयीय एवं महाविद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता का गुरुवार को पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह के साथ उत्साहपूर्ण एवं गरिमामयी वातावरण में समापन हुआ।
आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों की अंतर्निहित प्रतिभाओं को पहचानना, उनकी रचनात्मक एवं बौद्धिक क्षमताओं को प्रोत्साहित करना तथा उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना रहा।
समारोह का शुभारंभ सम्मानित अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में आदरणीय श्री अखिलेश त्रिपाठी जी, आदरणीय शमोहम्मद अहमर जी तथा इंटरमीडिएट कॉलेज, कप्तानगंज के प्रबंधक आदरणीय श्री अखिलेश सिंह जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर एस.बी. इंटर कॉलेज, कप्तानगंज के प्राचार्य आदरणीय श्री शम्भूनाथ जी श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज के प्राचार्य श्री राजेश सिंह, किसान मजदूर इंटर कॉलेज, ओरा के प्राचार्य श्री संजीव कुमार भारती इंटरमीडिएट कॉलेज, कप्तानगंज के प्राचार्य श्री राजीव रंजन गोयल तथा पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज के प्राचार्य श्री रजनीश सिंह जी उपस्थित रहे।
सभी सम्मानित अतिथियों एवं प्राचार्यगण ने विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
तीन दिवसीय आयोजन में निबंध लेखन, वाद-विवाद, पत्र लेखन, पोस्टर मेकिंग, क्विज़, रंगोली एवं काव्य-पाठ जैसी विविध प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं।
वाद-विवाद में ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता: वरदान या अभिशाप’ तथा पोस्टर मेकिंग में ‘एक पृथ्वी, एक भविष्य—पर्यावरण संरक्षण हेतु संकल्प जैसे समसामयिक विषयों पर विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, तार्किक क्षमता एवं सृजनात्मक अभिव्यक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
अंतर-विद्यालयीय प्रतियोगिताओं में *काजल, सलोनी चौबे, वंदना निषाद, प्रसिद्ध सिंह, साहिबा बानो, गुंजन यादव, अमृता कुमारी, प्रिया गौड़, प्रेमलता, मृदुल उपाध्याय एवं सृष्टि यादव सहित विभिन्न विद्यालयों के अनेक छात्र-छात्राओं ने उल्लेखनीय स्थान प्राप्त किए। वहीं महाविद्यालय स्तर पर अंकिता सिंह, काजल तिवारी, अंशु मौर्या, अंजली गुप्ता, प्रिया सोनकर, श्वेता चौहान, आयुष यादव, शिवांगी मौर्या, अंजली राजभर, सुजाता कुमारी, मनीषा कनौजिया एवं सोनम सहित अन्य प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रबंधक श्री अमित कुमार मिश्र जी ने ग्रामीण विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ रचनात्मक एवं बौद्धिक विकास के अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रतिभाएँ संसाधनों की मोहताज नहीं होतीं, उन्हें केवल उचित मंच एवं प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है। इसी उद्देश्य से ‘संवाद शृंखला’जैसी पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, संवाद एवं अभिव्यक्ति की संस्कृति विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० संत कुमार यादव जी ने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम, अनुशासन एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए प्रतियोगिताओं को व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
कार्यक्रम का प्रभावशाली एवं सुव्यवस्थित मंच संचालन महाविद्यालय की सहायक आचार्य सुश्री आशिया बानो जी ने किया। उन्होंने प्रेरक प्रसंगों एवं जीवन की वास्तविक संघर्षपूर्ण कहानियों के माध्यम से विशेष रूप से ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, बड़े सपने देखने एवं निरंतर प्रयास करते रहने का संदेश दिया।
अंत में सभी विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं आयोजन से जुड़े समस्त सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। समारोह का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि “प्रतिभा को अवसर, प्रयास को सम्मान और सपनों को नई उड़ान देना ही शिक्षा की वास्तविक सार्थकता है।”
कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, शिक्षणेत्तर कर्मचारीगण, आयोजन समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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