
मूलांक जन्मतिथि की तारीख का जोड़ होता है शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 (रविवार) से हो रही है।
इसी दिन माँ शैलपुत्री की पूजा और कलश (घट) स्थापना की जाएगी।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:18 बजे से सुबह 10:15 बजे तक। इसके अलावा दोपहर में अभिजीत मुहूर्त में भी कलश स्थापित किया जा सकता है।
नवरात्रि का समापन 19 अक्टूबर 2026 को होगा और 20 अक्टूबर 2026 को विजयदशमी (दशहरा) मनाई जाएगी।
इस बार माता माँ दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा।
इस दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की विधिवत् पूजा-अर्चना करेंगे।
नवरात्रि का पावन पर्व ऐसे में सभी मूलांक वालों को अपने मूलांक के अनुसार कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे आने वाले दिनों में हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त हो
मूलांक 1 : इन दिनों में आपका गुस्सा और अहंकार बढ़ सकता है अतः मां दुर्गा को शहद अर्पित करें और नियमित रूप से ऊं सूर्याय नमः का 108 बार जाप करें।
मूलांक 2 : इन दिनों ओवरथिंकिंग और भावुकता बढ़ सकती है । मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए नियमित रूप से दही का भोग लगाएं और ऊं सोमाय नमः का 108 बार मानसिक जप करें।
मूलांक 3 : अति आत्मविश्वास में आ कर किसी कागज में साइन कर सकते हैं जिससे परिवार को समस्याओं का सामना करना पड सकता है । मां दुर्गा को चावल अर्पित करें और नियमित रूप से ऊं वृहस्पतये नमः का 108 बार जाप करें।
मूलांक 4 : इन दिनों बेचैनी और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। मां दुर्गा को नियमित रूप से लाल वस्त्र अर्पित करें और नियमित रूप से ऊं रां राहवे नमः का 108 बार रोज शाम के समय जाप करें।
मूलांक 5 : इन दिनों ध्यान में कमी आ सकती है जिससे बनते काम बिगड़ सकते हैं। मां दुर्गा को लाल फूल अर्पित करें और नियमित रूप से ऊ गं गणपतये नमः का 108 बार जाप करें।
मूलांक 6 : इन दिनों में पारिवारिक रिश्तों में उलझनें आ सकती हैं। मां दुर्गा को प्रसन्न करने हेतु देशी घी अर्पित करें और नियमित रूप से ऊं शुं शुक्राय नमः का 108 बार प्रातः काल जाप करें।
मूलांक 7 : इन दिनों में आपको अकेलापन और बेचैनी महसूस हो सकती है। मां दुर्गा के मंदिर में इत्र अर्पित करें और नियमित रूप से ऊं कें केतवे नमः का 108 बार जाप करें।
मूलांक 8 : मेहनत अधिक करनी होगी परंतु सफलता अवश्य मिलेगी। मां दुर्गा को प्रसन्न करने हेतु कच्चा नारियल अर्पित करें और नियमित रूप से ऊं शं शनैश्चराय नमः का 108 बार जाप करें।
मूलांक 9 : अवेश , उदासी और गुस्सा बढ़ेगा। मां दुर्गा को प्रसन्न करने हेतु मंदिर में गुड़ अर्पित करें और नियमित रूप से हनुमान जी का ध्यान करके 11 बार हनुमान चालीसा पढ़े। ऊं अं अंगारकाय नमः का 108 बार जाप करें ।

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