विद्यार्थियों का हुआ शैक्षणिक भ्रमण

वाराणसी।अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केन्द्र (आईयूसीटीई), में शेपा संस्थान, वाराणसी के बी.एड. एवं एम.एड. के विद्यार्थियों तथा संकाय सदस्यों का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया।

 

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के स्तर पर अध्यापक शिक्षा, संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों, अनुसंधान, नवाचारी शिक्षण-पद्धतियों तथा आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं से परिचित कराना था।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. कुशाग्री सिंह, सहायक प्राध्यापक, आईयूसीटीई द्वारा शेपा संस्थान से आए विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों के स्वागत तथा परिचयात्मक उद्बोधन से हुआ।

 

इसके पश्चात आईयूसीटीई की परिचयात्मक वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से संस्थान की दृष्टि, विकास-यात्रा, शैक्षणिक गतिविधियों, कार्यक्रमों, अनुसंधान एवं आधारभूत सुविधाओं की जानकारी दी गई। इसके बाद डॉ. कुशाग्री सिंह, सहायक प्राध्यापक, आईयूसीटीई ने संस्थान की दृष्टि, अधिदेश, उद्देश्यों तथा शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रकाश डाला।

 

उन्होंने उच्च शिक्षा में अध्यापक शिक्षा, संकाय विकास कार्यक्रमों, अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों, नवाचारी शिक्षण-पद्धतियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षा, मूल्यांकन, अनुसंधान एवं क्षमता-विकास के लिए आईयूसीटीई द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

 

कार्यक्रम के अगले सत्र में प्रो. आशीष श्रीवास्तव, डीन (शैक्षणिक एवं अनुसंधान), आईयूसीटीई ने शिक्षा एवं उच्च शिक्षा के रूपांतरण विषय पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने उच्च शिक्षा की बदलती आवश्यकताओं तथा गुणवत्तापूर्ण अध्यापक शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शैक्षणिक नवाचारों और शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके पश्चात आईयूसीटीई के दल ने शेपा संस्थान के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया।

 

इस दौरान विद्यार्थियों को अपनी जिज्ञासाएँ रखने तथा अध्यापक शिक्षा, उच्च शिक्षा और संस्थान की गतिविधियों से संबंधित प्रश्न पूछने का अवसर मिला। संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास के लिए उपलब्ध संभावनाओं को समझने में सहायता मिली। डॉ. जे. पी. श्रीवास्तव, प्राचार्य, शेपा संस्थान, वाराणसी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास में ऐसे शैक्षणिक भ्रमणों के महत्व पर प्रकाश डाला तथा आईयूसीटीई द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

 

कार्यक्रम में प्रो. प्रेम नारायण सिंह, निदेशक, आईयूसीटीई ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। उन्होंने आईयूसीटीई के अधिदेश तथा उच्च शिक्षा के स्तर पर अध्यापक शिक्षा में संस्थान की भूमिका पर प्रकाश डाला।

 

उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षक-शिक्षा, शैक्षणिक क्षमता-विकास तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में नवाचार के महत्व को रेखांकित किया।

इसके बाद डॉ. कुशाग्री सिंह ने प्रतिभागियों को आईयूसीटीई में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं एवं शैक्षणिक संसाधनों से परिचित कराया। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों ने संस्थान के बैठक एवं सम्मेलन कक्ष, सभागार, पुस्तकालय, ध्वनि-दृश्य अभिलेखन सुविधाओं, एमओओसी स्टूडियो तथा डिजिटल शिक्षण सुविधाओं का अवलोकन किया। इस भ्रमण से प्रतिभागियों को आधुनिक शैक्षणिक अवसंरचना तथा उसके शिक्षण एवं प्रशिक्षण में उपयोग की जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम के अंत में डॉ. कुशाग्री सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया तथा सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों और आयोजन में सहयोग देने वाले सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

 

इस शैक्षणिक भ्रमण का समन्वय डॉ. कुशाग्री सिंह, सहायक प्राध्यापक, आईयूसीटीई, बीएचयू ने किया। यह भ्रमण विद्यार्थियों को अध्यापक शिक्षा के क्षेत्र में संस्थागत कार्यप्रणाली, शैक्षणिक नवाचारों तथा आधुनिक शिक्षण सुविधाओं से परिचित कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। इस भ्रमण में लगभग 100 विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों ने प्रतिभाग किया।

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