अन्नदान से बड़ी कोई सेवा नहीं, भूखे को भोजन कराना मानवता का सर्वोच्च धर्म:- नित्यानन्द पाण्डेय महाराज

वाराणसी। श्री नित्य निकुंज रस सेवा संस्थान ट्रस्ट, वृंदावन की ओर से सुसुवाही स्थित ग्राम टिकरी में अन्नदान एवं अन्न वितरण समारोह का आयोजन किया गया।

 

इस दौरान जरूरतमंदों और वंचित परिवारों तक सेवा एवं सहयोग पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

 

संस्थान के अध्यक्ष नित्यानन्द पाण्डेय महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति में अन्नदान को महादान माना गया है। भूखे को भोजन कराना मानवता, करुणा और परोपकार का सर्वोच्च उदाहरण है।

 

उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य समाज में किसी भी व्यक्ति को भूखा न रहने देना तथा आर्थिक रूप से कमजोर, वृद्ध, असहाय और जरूरतमंद परिवारों की सहायता करना है।

उन्होंने बताया कि संस्थान की ओर से गरीब एवं असहाय कन्याओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जल्द ही निःशुल्क सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण और कंप्यूटर शिक्षा शुरू करने की योजना है। इसके साथ ही बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, समाजसेवियों और दानदाताओं से सेवा कार्यों में सहयोग की अपील की।

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