
वाराणसी। समाजवादी पार्टी कार्यालय अर्दली बाजार में महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विचार गोष्ठी में समाजवादी पार्टी के नेता व कार्यकर्ता भारी संख्या में उपस्थित थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ० उमाशंकर सिंह यादव ने कहा कि जब अयोध्या नरेश पुरुषोत्तम श्रीराम ने माता सीता का परित्याग किया तो मां जानकी ऋषि वाल्मीकि के आश्रम में रहने लगी थीं, जहां उन्होंने दोनों पुत्र लव और कुश को जन्म दिया था। संचालन करते हुए जिला प्रवक्ता संतोष यादव बबलू एडवोकेट ने किया।
पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने कहा कि वाल्मीकि ऋषि को आदिकवि भी कहा जाता है, इन्होंने रामायण संस्कृत में लिखी थी जिसे सबसे प्रचीन रामायण माना जाता है। इस अवसर पर हीरू यादव, ऊदल पटेल, रामकुमार यादव, शिवप्रसाद गौतम, लक्ष्मण सोनकर, प्रताप कुमार, हंसराज यादव, राजू यादव, जवाहर यादव, लक्ष्मी नारायण पटेल, बंशल कुमार,विजय टाटा ,अब्दुल्ला कैसर, चंद्रेश राजभर, सुशील शर्मा व विनोद शुक्ला आदि ने विचार व्यक्त किया।
