
वाराणसी। देश की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्री बाई फुले के जन्मदिन पर बुधवार को मीरापुर बसहीं स्थित गाँधी चबूतरा के समीप उमेशचन्द्र मौर्य के आवास पर “अपने लोग, अपना मंच” के तत्वाधान में दो नायाब नाट्क ‘ठाकुर का कुंआ’, “माटी और किसान” का “मचंदूतम” के अंतरराष्ट्रीय स्तर के रंगकर्मी कलाकारों ने प्रस्तुति कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दिया जो सैकड़ों दर्शकों का मन मोह लिया। आयोजक मंचदूतम के निदेशक अंतरराष्ट्रीय कलाकार अजय रौशन रहे। इस दौरान सैकड़ों लोग नाटक देखकर भावविभोर हो गए और माता सावित्री बाई फुले को, उनके द्वारा किये गए ऐतिहासिक अद्वितिय सराहनीय कार्य को सराहा और विनम्र श्रद्धांजलि दिया। नाट्य कलाकारो में अजय रौशन, गोपाल चन्द पटेल, ज्योति, नव्या, शशिप्रकाश चन्दन, शिवम, प्रशांत, शेषनाथ, सत्यप्रकाश, लियाकत अली, करन कुमार ने भूमिका निभाई। कलाकारों को अंगवस्त्रम से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उमेश चन्द्र मौर्य, संचालन सच्चिदानन्द ब्रह्मचारी, आभार जगन्नाथ कुशवाहा ने किया। इस अवसर पर
उमेश चन्द्र मौर्या, जगन्नाथ कुशवाहा, ब्रह्मचारी पटेल, डॉ. प्रभु नारायण सिंह, मुन्नालाल पटेल, अशोक पटेल, राजकुमार पटेल, माया देवी, सुरेश कुमार मौर्य, कंचनलता मौर्य, अनिता पटेल, बबलू पटेल आदि थे।
