बाबा दरबार से रुद्राक्ष पाए भक्तगण हुए भाव-विभोर

 

रिपोर्ट संदीप सेठ

 

वाराणसी।काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव का वार्षिक श्रृंगार महोत्सव सोमवार को आयोजित किया गया। इस अवसर पर बाबा की नैनाभीराम झांकी सजाई गई।

महोत्सव का शुभारंभ सोमवार की प्रातः कालभैरव महंत सुमित उपाध्याय ने दूध,दही, घृत, एवं पंचमेवा से बाबा का अभिषेक किया।

इसके पश्चात बाबा को सिंदूर अर्पित कर नवीन वस्त्र एवं नया रजत मुखौटा धारण करा कर विभिन्न सुगंधित महिलाओं और आभूषणों से अलंकृत कर बाबा की भव्य झांकी सजाई गई। श्रृंगार के पश्चात विभिन्न प्रकार के पकवान मिष्ठान और मदिरा का भोग लगाकर बाबा की आरती की गई।

आरती के पश्चात् बाबा के श्रृंगार का दर्शन श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का कपाट खोल दिया गया। कपाट खुलते ही बाबा के जयकारे से समूचा क्षेत्र हर हर महादेव के नारे से गुंजायमान हो उठा।

मंदिर आने वाले मार्ग पर आकर्षक भव्य द्वार एवं अष्ट भैरव की झांकी सजाई गई।अपराह्न चार बजे चारों वेदों के मंत्रोचार से बाबा की बसंत पूजा की गई। अपराहन से शुरू हुआ दर्शन पूजन एवं भंडारे का आयोजन देर रात तक चलता रहा।

मध्य रात्रि में सवा लाख बत्तियो से बाबा की भव्य महाआरती की गई। इस अवसर पर बाबा का दरबार कामिनी की पत्ती और देसी विदेशी फूलों से पूरा मंदिर प्रांगणअलौकिक सजाई गई थी। तथा मंदिर में भक्तगणों को प्रसाद स्वरूप रुद्राक्ष वितरण किया गया।

कालभैरव महंत सुमित उपाध्याय ने बताया कि बाबा के इस रूप का दर्शन करने से मनुष्य के सभी प्रकार के कष्टो से मुक्ति मिलती है। काल भैरव महंत सुमित उपाध्याय एवं पुनीत उपाध्याय उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *