पहले मतदान, फिर जलपान, फिर संगीत का गान

 

अस्सी घाट पर पाँच पद्म अलंकृत विशिष्टजनों ने किया मतदान के लिए जागरूक

वाराणसी। लोकतंत्र के महापर्व में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करने अस्सी घाट के सुबह -ए- बनारस मंच पर नगर के पाँच पद्म अलंकृत विशिष्टजन एक साथ जुटे। पण्डित शिवनाथ मिश्रा म्यूजिक फॉउन्डेशन एवं सुबह -ए-बनारस के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को लोकमत परिष्कार संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पद्मश्री पंडित राजेश्वर आचार्य ने कहा कि यदि देश में शिक्षित लोकतंत्र चाहिए तो मतदान अवश्य करें। पाँच साल में आने वाले यह चुनाव भ्रष्टाचारियों से मुक्ति दिलाने, देश के यश को बढ़ाने के लिए एक अवसर के रूप में आता है जिसमें बढ़चढ़ कर भागीदारी करना चाहिए। सरकार ऐसी हो जो सबका भला करें।

पद्मश्री एवं विश्वविख्यात सितारविद पण्डित शिवनाथ मिश्रा ने कहा कि 1 जून को होने वाला मतदान लोकतंत्र का महा उत्सव है जिसमे हम संगीतकार भी उत्साह से भागीदारी करेंगे। उन्होंने कहा कि पहले मतदान फिर जलपान, फिर संगीत गान, यह हमारा दायित्व है, काशीवासी भी घर से निकले और मतदान करें।

पद्मश्री एवं ध्रुपद गायक प्रोफेसर ऋतिक सान्याल ने कहा की यह महापर्व तो है ही साथ ही हमारा कर्तव्य भी है। काशी एक अति विशिष्ट नगरी है जिसका सौंदर्य का वर्णन करना कठिन है, यह नगरी जीने का उत्साह प्रदान करती है। यहां के लोग अत्यंत जागरूक हैं जो चुनाव को महापर्व के रूप में तो लेते ही है साथ ही इसे अपना कर्तव्य भी मानते हैं। पद्मश्री एवं कृषि विशेषज्ञ चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव के पर्व में सभी भागीदार हो क्योंकि यह हमारी संस्कृति, संप्रभुता को बचाने के लिए एक अवसर है। इसके लिए आगे बढ़कर मतदान करें।

पद्मश्री एवं वस्त्र डिजाइनर श्रीभाष चंद सुपकार ने कहा कि जिस प्रकार हम अपने जीवन के निर्णय स्वयं लेते हैं इस प्रकार चुनाव भी हमें यह असर प्रदान करता है की राष्ट्र निर्माण के लिए हम अपने निर्णय ले सकें।

संगोष्ठी में डॉक्टर शुकदेव त्रिपाठी, राजेंद्र सक्सेना, विनय तिवारी, डॉ. अशोक सिंह, अजीत श्रीवास्तव आदि ने भी विचार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का संयोजन पण्डित देवब्रत मिश्रा, संचालन प्रमोद मिश्रा एवं स्वागत मंजु मिश्रा ने किया।

*संगीत के जरिए भी किया जागरूक -* कार्यक्रम में कलाकारों ने संगीत के माध्यम से लोगों को वोट देने के लिए प्रेरित किया। विख्यात सितार वादक पंडित देवव्रत मिश्रा ने देश को समर्पित राग देश में तीन ताल की बंदिश प्रस्तुत की इसके साथ ही गंगा की लहर पर आधारित धुन सुनाकर सबको मंत्र मुक्त कर दिया। उनके साथ सितार पर कृष्णा मिश्रा, तबले पर प्रशांत मिश्रा, नवनीत प्रजापति आदि ने संगत किया। इसके अलावा अनन्या गुप्ता एवं मानसी सिंह ने कथक नृत्य प्रस्तुत किया।

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