एक जून को शतप्रतिशत मतदान की शपथ 

 

वाराणसी। प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र ट्रस्ट लमही की ओर से प्रेमचंद स्मारक स्थल लमही में आयोजित सुनों मैं प्रेमचंद कहानी पाठ में प्रेमचंद की स्त्री विमर्श पर आधारित कहानी घासवाली का पाठ अंजु तिवारी ने किया। इनका सम्मान ट्रस्ट के संरक्षक साहित्यकार डा. रामसुधार सिंह, डा. मनोज श्रीवास्तव, श्रीप्रकाश श्रीवास्तव, कंचन सिंह परिहार व निदेशक राजीव गोंड ने किया। डा. रामसुधार सिंह ने कहा कि भारतीय साहित्य में सबसे पहले प्रेमचंद ने की। प्रेमचंद घासवाली’ कहानी में दलित मुलिया और क्षत्रिय चैन सिंह के प्रसंग अनेक कोण लिए हुए हैं। मुलिया के प्रति जो छेड़छाड़ और जबरदस्ती के प्रकरण हैं, उनमें एक अन्य बात महत्त्वपूर्ण है। मुलिया चैन सिंह को कहती है कि तुम्हारी जाति के घरों की स्त्रियाँ अवैध संबंध रखती हैं, कहो तो बताऊँ! वह यह भी दावा करती है कि “जाकर किसी खतरानी (क्षत्राणी) के चरणों पर सिर रखो, तो मालूम हो कि चरणों पर सिर रखने का क्या फल मिलता है. फिर यह सिर तुम्हारी गर्दन पर न रहेगा। प्रेमचंद स्त्री के शोषण में उसकी जाति की भूमिका को चिह्नित कर रहे थे। ऊँची जाति की स्त्रियाँ अपने लोगों के द्वारा शोषित होती हैं, मगर दलित जाति की स्त्रियाँ अन्य जातियों के लोगों द्वारा भी शोषित होती हैं। उन पर सरेआम आक्रमण होते हैं। मुख्य अतिथि डा. गोपाल शर्मा (सदस्य विधानसभा राजस्थान सरकार) ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहाँ कि प्रेमचन्द इस कहानी में नारी-प्रधान स्त्री के उज्ज्वल भावों का निरूपण हुआ है, और बुद्धि का द्वन्द्व चित्रित किया है। इस अवसर पर एक जून को बनारस में शतप्रतिशत मतदान की शपथ ली गई। इस अवसर पर राजेश सिंह , राहुल यादव, देव बाबू, राजेश श्रीवास्तव, सुर्यभान सिंह, राम अचल सिंह, आदि थे। स्वागत मनोज विश्वकर्मा,संचालन डा. व्योमेश चित्रवंश ने किया।

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