
वाराणसी।शिवाला घाट पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के काशी प्रान्त कुटुम्ब प्रबोधन के धार्मिक एवं पुरोहित आयाम के सौजन्य से गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर पतित पावनी मां गंगा पूजन अनुष्ठान वेद मंत्रों के साथ वेद विद्वान आचार्य के.वेंकटरमण घनपाठी के आचार्यत्व में अनेक गणमान्य ब्राह्मणों एवं मातृ शक्ति के साथ अनेक समाजिक दायित्वों में बढ़चढ़ कर सहभाग करने वाले उपस्थित लोगों के द्वारा बड़ी विधि विधान से हुआ। संकल्प दिलवाकर पुष्प , दुग्ध, घृत, मधु, शर्करा , फल, सूखे फल आदि से षोडष उपचार से मां गंगा का पूजन हुआ।
अंत में मां को सुन्दर साड़ी पहनाई गई। कर्पूर नीराजना से मां गंगा से आराधना की गई कि मां भारत राष्ट्र को वैभव प्रदान कर सभी लोगो को सुखी करें, सभी को आयुष्य प्रदान करें, सब में परिवारिक भाव बना रहे, ऐसी शक्ति सामर्थ्य दें।
मां सबके पापों को हरने वाली हैं। मां की पावनता का महत्व इसी से लगाया जा सकता कि व्यक्ति यदि मात्र गंगा का दर्शन कर ले तो भी उसके अनेकों पाप नष्ट हो जाते हैं। गंगा स्नान तो व्यक्ति को दस प्रकार के पापों से मुक्ति दिलाता है। उक्त बातें कुटुम्ब प्रबोधन काशी प्रांत के संयोजक शुकदेव त्रिपाठी ने उपस्थित लोगों के बीच कही।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से वेदपाठी पण्डित श्री कांत, घनपाठी हर्ष पेटी , हरि हर जी, मनोज शुक्ला , भुवन पाठक जी, योगेश तैलंग, काशी दक्षिण सह भाग बौद्धिक प्रमुख सुनील किशोर द्विवेदी जी, गंगा नगर के सह नगर संघ चालक डॉ वैभव जयसवाल, पुर्णेश पेटी , धर्म जागरण प्रमुख रामाज्ञा , नगर कुटुम्ब प्रबोधन संयोजक जय प्रकाश, नीता सहित अनेक प्रतिष्ठित कुटुम्ब प्रबोधन से जुड़ी मातृ शक्ति शामिल रही।
कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन कुटुम्ब प्रबोधन काशी प्रान्त के धार्मिक एवं पुरोहित आयाम प्रमुख के. वेंकटरमण घनपाठी ने किया।
