
रिपोर्ट उपेन्द्र कुमार पांडेय, आजमगढ़
आजमगढ़।तहबरपुुुुर विकास खण्ड में पड़ने वाले भटौलिया गांव के बनवासी समाज के लोग बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओ से कोसों दूर है। जिससे उमस भरी गर्मी में जहां वे भौतिक सुख सुविधाओं से बंचित है वहीं रात अंधेरे में गुजारनी पड़ रही।
भटौलिया गांव तहबरपुुुुर ब्लाक के ग्राम पंचायत बेलवा विशुनपुर में पड़ता है। भटौलिया में नदी के किनारे छः सात घर सुरेश, चैतू,सुकडू ,रमेश आदि बनवासी समाज के लोग रहते हैं। आज भी खाना बदोस का जीवन जी रहे हैं। इनके पास कृषि योग्य भूमि नहीं है।ईट भट्ठे पर मजदूरी करके किसी तरह परिवार का भरण- पोषण करते हैं।
राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना,अटल ज्योति योजना के माध्यम से अभियान चला कर गांवों, कस्बे में घर घर तक बिजली पहुंचाई गई। लेकिन इन बनवासी बस्ती के तरफ़ अधिकारियों की अदूरदर्शिता एवं विभागीय लूट खसोट के चलते इनको इन्हें बिजली नसीब नहीं हो पाई।किसी राजनेता अधिकारी का ध्यान नहीं पहुंचा। बिजली न होने से जहां बनवासी समाज के लोग भौतिक सुख सुविधाओं से बंचित है वहीं रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी रही है। जबकि भारतीय जनता पार्टी की सरकार शबरी संकल्प योजना के माध्यम से बनवासी समाज के लोगों का जीवन स्तर सुधारने का कार्य किया। फिर भी बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से कोषों दूर रहें।
