रिपोर्ट अशरफ आदिल
कानपुर।पत्रकार ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी, चौकी इंचार्ज ने चालान कर दिया,फिर पत्रकार ने दारोगा की गाड़ी का वीडियो बनाया। और कमिश्नर कानपुर को व्हाट्सएप्प कर दिया।
दरोगा की गाड़ी पर नंबर प्लेट नहीं थी। जेड ब्लैक फिल्म थी हूटर लगा हुआ था।
कमिश्नर साहब ने एससीपी को भेजा। चौकी इंचार्ज की गाड़ीं का चालान करने के लिए।
हिसाब बराबर तुम ही तुम हो तो क्या तुम हो हम ही हम है तो क्या हम है।?
