वाराणसी। विगत कुछ महिनों से जनमानस को भीषण गर्मी का दंश झेलना पड़ रहा है। इस भीषण आपदा में मनुष्य की कोई भी युक्ति काम नहीं आ रही है। इस समय संपूर्ण मनुष्य जाति गर्मी की त्रासदी से निजात दिलाने को ईश्वर की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रही है।

इसी क्रम में हमेशा की तरह मनुष्य जाति पर जब-जब आपदा आयी है तब-तब श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य शहनाई वादक पं. महेंद्र प्रसन्ना ने आस्था से सराबोर अपने शहनाई वादन से ईश्वर से प्रार्थना करके मनुष्य जाति को आपदा से मुक्ति दिलाने का प्रयास किया है जो काफी हद तक कारगर रही है।

इसी परिप्रेक्ष्य में भीषण गर्मी की त्रासदी से मानव और पशु-पक्षियों को मुक्ति दिलाने एवं राहत भरी बारिश कराने की कामना लिये पं. महेंद्र प्रसन्ना ने शनिवार को प्रातः अस्सी घाट पर मां गंगा की गोद में खड़े होकर भगवान इंद्र को प्रसन्न करने हेतु मनोरम शहनाई वादन किया। उनकी प्रस्तुति में प्रमुख रूप से मानो तो मैं गंगा मां हूं, ना मानो तो बहता पानी आकर्षण का केंद्र रही। लोगों को इंद्र बरसों काशी नगरिया में की धुन खूब रास आयी। देवराज इन्द्र प्रसन्न होकर वर्षा किए, जिससे आम जन को राहत मिली।

इस अवसर पर पं. महेंद्र प्रसन्ना ने कहा कि उनकी सभी संगीतमय प्रस्तुतियां जनकल्याण को समर्पित रहती हैं और उनके जीवित रहने तक रहेंगी। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा मां गंगा के गोद में देवराज इंद्र को प्रसन्न करने के लिए की गयी प्रार्थना आवश्यक रूप से स्वीकार होगी और आने वाले 24 घंटों में राहत भरी वर्षा की बूंदे धरा पर गिरंेगी। जिससे जनमानस को भीषण गर्मी से निजात मिलेगी। यह वर्षा धर्म नगरी काशी में ही नहीं बल्कि समूचे भारत में होगी।

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