रिपोर्ट उपेन्द्र कुमार पांडेय, आजमगढ़ 

 

 

आजमगढ़।हिंदू सनातन धर्म में रक्षाबंधन पर्व का बहुत ही बड़ा महत्व है ज्योतिष धर्म शास्त्र के अनुसार, रक्षाबंधन श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. रक्षाबंधन हिंदुओं का महत्वपूर्ण पर्व है, जो भारत के सभी हिस्सों में मनाया जाता है. भारत के अलावा भी विश्वभर में जहां पर भी हिंदू धर्म के लोग रहते हैं, वहां इस पर्व को भाई बहनों के बीच मनाया जाता है. रक्षाबंधन का त्योहार भाई और बहन के प्रेम का प्रतीक है इस दिन बहनें अपनी भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं।

इस बार रक्षाबंधन का पर्व 19 अगस्त 2024 दिन सोमवार को मनाया जाएगा।श्रवण नक्षत्र सौभाग्य योग में पड़ रहा है जोकि बहुत ही महत्वपूर्ण एवं शुभकारी है।

पं ऋषिकेश शुक्ल ने बताया की धर्म शास्त्रों के अनुसार रक्षाबंधन भद्रा काल में नहीं मनानी चाहिए, ऐसा करना बेहद अशुभ माना जाता है.

हृषीकेश पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया 18 अगस्त 2024 रात्रि को सुबह 02:21 मिनट से 19अगस्त 2024को दोपहर 01:25 मिनट तक है 19 अगस्त 2024 को पूर्णिमा तिथि पूरे दिन तथा अर्धरात्रि तक है

अतः 19 अगस्त 2024 सोमवार को दोपहर 1:25 के बाद से लेकर के रात्रि 10:20 तक रक्षाबंधन का मुहूर्त शुभ है बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा बंध कर भाई की दीर्घायु और मंगल कामना करेंगी ।

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