कथा सोमवार को सुबह दस बजे से होगी

 

वाराणसी।सावन में शिव महापुराण की कथा श्रवण से मन को शांति की अनुभूति होती है। समाज में समय के अनुसार लोगों में ज्ञान बढ़ा, बुद्धि बढ़ी लेकिन दिल मैला हो गया। पहले लोग एक दूसरे का साथ देते थे। आपस में एक दूसरे की मदद करते थे। अब जमाना बदल गया है। एक दूसरे के प्रति विश्वास नहीं रह गया है। संत महात्माओं की कथा से लोगों के दिलों में परिवर्तन आ जाए तो कथा सुनाना और सुनना दोनों सार्थक हो जाता है। महमूरगंज स्थित शगुन लान में चल रही संगीतमय शिव महा पुराण कथा के छठे दिन रविवार को वृंदावन से पधारे महामंडलेश्वर स्वामी इंद्रदेव महाराज ने उक्त बातें कही।

उन्होंने द्वादश ज्योतिर्लिंगों का महात्म्य बताते हुए कहा कि सभी ज्योतिर्लिंगों का अपना-अपना महात्म्य है। यहां दर्शन पूजन का विशेष फल प्राप्त होता है।

एक प्रसंग में उन्होंने कहा कि अपना वही है जो विपत्ति में आपका साथ दे। आपकी मदद के लिए खड़ा रहे। विपत्ति में जो आपकी मुश्किल और बढ़ा दे, वह कभी भी आपका नहीं हो सकता। शास्त्र के अनुसार जिस गांव में एक कुआं होता है वहां उस कुएं का जल सभी लोग पीते हैं और उस गांव में लोगों में आपस में काफी प्रेम व परस्पर बना रहता है। लोग एक दूसरे की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

उन्होंने कहा कि गुरु के ज्ञान के बिना जीवन अधूरा है। ऐसे में गुरु का ज्ञान सभी को प्राप्त करना चाहिए। जब गुरु का ज्ञान हमारे कानों में पड़ता है और उस ज्ञान को हम अपने आचरण में उतार कर उस पर अमल करते हैं तो हमारा जीवन धन्य हो जाता है। जीवन अनमोल है । बार-बार यह जीवन शायद ना मिले इसीलिए इसी काल में हमें सत्कर्म करते हुए भगवान के सत्संग से जुड़े रहना चाहिए। अपने जीवन को जितना हो सके उतना प्रसन्न रखो हंसते हुए, आनंदित रखो और ईश्वर के ऊपर भरोसा रखो। अगर तुम्हारी कोई इच्छा है तो परमात्मा सबकी सुनता है तुम्हारी भी सुनेगा ।

मीरा ने प्रेम किया गिरधर से, जो दुनिया भर की नारियों से प्रेम करते थे तो मीरा ने उनको पवित्र माना और प्रेम किया और पा लिया । उनमें ही नारायण देखा, उनमें ही विष्णु को देखा और परम पति के रूप में पा भी लिया। ऐसे सभी को आपस में प्रेम और परस्पर सहयोग बनाकर रहना चाहिए।

कथा के दौरान संत इंद्रदेव महाराज ने सुमधुर भजनों के माध्यम से शिव की महिमा का वर्णन किया।

कथा के अंत में आरती मुख्य यजमान श्रवण अग्रवाल, अर्चना अग्रवाल, रामदयाल मिश्र, शकुंतला मिश्र, राहुल अग्रवाल, री

रिषभ अग्रवाल, रीतिक अग्रवाल, रविशंकर सिंह, अजय पाण्डेय, अरविंद विनोद अग्रवाल, रविनन्दन तिवारी आदि ने की। तत्पश्चात् प्रसाद वितरण किया गया।

सोमवार को शिव महापुराण कथा का विश्राम है तथा दोपहर 1 से 4 बजे के बजाय सुबह 10 बजे से 1 बजे तक होगी

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