
वाराणसी। यूपी कॉलेज के संस्थापक राजर्षि उदय प्रताप सिंह जू देव की 174 वीं जयंती राजर्षि मनाई गई। अध्यक्षता मिजोरम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं नैक के पूर्व निदेशक प्रोफेसर ए. एन. राय ने किया। प्रो. राय ने इस अवसर पर कहा कि हमें उदय प्रताप सिंह जू देव की मूल संकल्पना को सदैव ध्यान में रखना चाहिए। मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए पूर्व शिक्षक विधायक चेतनारायण सिंह ने कहा कि राजर्षि के द्वारा इस कॉलेज की स्थापना राष्ट्रीय पराधीनता के दौर में समाज को दिशा देने से महान संकल्प के साथ की गई थी जो इस कॉलेज के ध्येय वाक्य ‘दृढ़ राष्ट्रभक्ति: पराक्रमश्च’ के माध्यम से अभिव्यक्त होता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह संस्था अपनी गुणवत्ता में किसी विश्वविद्यालय से काम नहीं है। इसलिए मैं आशा करता हूं यह कॉलेज निकट भविष्य में विश्वविद्यालय का रूप अवश्य लेगा। अब इस दिशा में कार्य करने के नियतांक आवश्यकता है। समारोह में विशिष्ट अतिथि हिंदी विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार सिंह ने कहा कि कॉलेज का विकास इस बात पर निर्भर करता है कि इस संस्था में काम करने वाले शिक्षक और कर्मचारी अपनी दैनिक गतिविधियों में कितनी सक्रियता और रचनात्मक के आधार पर काम करते हैं। कुलगीत रानी मुरार कुमारी बालिका इंटर कालेज की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किया गया तथा स्वागत गीत उदय प्रताप पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने प्रस्तुत किया। समारोह में आए हुए अतिथियों का स्वागत उदय प्रताप कॉलेज के प्राचार्य प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने किया। आभार ज्ञापन उदय प्रताप इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डॉ. रमेश प्रताप सिंह ने किया। संचालन डा. शरद श्रीवास्तव ने किया।
इस अवसर पर कॉलेज की वार्षिक पत्रिका ‘ उदयश्री का लोकार्पण किया गया। जिसका संपादक प्रो. गोरख नाथ ने किया है। इस अवसर पर साहित्यकार डॉ राम सुधार सिंह,मेजर डा.अरविन्द कुमार सिंह,डा. योगेन्द्र प्रताप सिंह, डा. मूलचंद सिंह, प्रो. एस. के. सिंह, प्रो. दिवाकर सिंह, प्रो. सुधीर कुमार शाही, प्रो. रमेश धर द्विवेदी, पो. एन. पी. सिंह , प्रो. सुधीर कुमार राय , प्रो. सुबोध सिंह, प्रो. शशिकांत द्विवेदी, प्रो. संजय शाही आदि थे।
