वाराणसी।स्वामी विवेकानंद जी का जन्म 12 जनवरी, 1863 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने अपने जीवनकाल में भारत को एक नई दिशा दी। उनकी शिक्षाओं ने लाखों लोगों को प्रेरित किया तथा उनका जीवन आध्यात्मिकता,देशभक्ति एवं कड़ी मेहनत की तरफ प्रेरित करते हुए उन्हें एक नया जीवन जीने की प्रेरणा देती है स्वामी विवेकानंद जी एक ऐसे महापुरुष थे, जिन्होंने न केवल भारत को बल्कि पूरी दुनिया को एक नई दिशा दिखाई। उनकी जयंती पर हमें उनके आदर्शों और विचारों को याद करना चाहिए और उन्हें अपने जीवन में उतारने का प्रयास करना चाहिए।

उक्त विचार रविवार को योग साधना केन्द्र में स्वामी विवेकानंद जयंती पर के अवसर पर राष्ट्रीय युवा महोत्सव समारोह में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के छात्र कल्याण संकाय के प्रमुख प्रो हरिशंकर पाण्डेय ने स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित कर अध्यक्षता करते हुये व्यक्त किया।

बतौर विशिष्ट वक्ता वेदांत शास्त्र के उद्भट विद्वान प्रोफेसर सुधाकर मिश्र ने कहा कि स्वामी विवेकानंद वेदांत दर्शन के एक महान प्रतिपादक और प्रचारक थे। उन्होंने वेदांत के सिद्धांतों को सरल और स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत किया और इसके माध्यम से लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान और आत्म-साक्षात्कार की प्रेरणा दी।

बतौर विशिष्ट साहित्य विभागाध्यक्ष प्रो विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों और विचारों को याद करने और उन्हें अपने जीवन में उतारने के लिए प्रेरित करता है। यह दिवस विद्यार्थियों को आत्मविश्वास और आत्मसम्मान,शिक्षा और ज्ञान,राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका,सेवा और परोपकार। स्वामी विवेकानंद जी ने सेवा और परोपकार को जीवन का मुख्य उद्देश्य बताया था। उन्होंने कहा था कि हमें दूसरों की सेवा करनी चाहिए और उनकी मदद करनी चाहिए।

जयंती समारोह के प्रारम्भ में वैदिक मंगलाचरण डॉ. राजकुमार मिश्र के द्वारा किया गया ।

मंच पर आसीन अतिथियों के द्वारा माँ सरस्वती जी एवं स्वामी विवेकानंद जी के चित्र माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन किया गया।

राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक एवं संयोजक प्रो राघवेन्द्र जी दुबे ने मंच पर आसीन अतिथियों का माल्यार्पण एवं अंग वस्त्र ओढ़ाकर स्वागत और अभिनंदन किया।

राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक एवं संयोजक प्रो राघवेंद्र जी दुबे ने स्वागत और अभिनंदन किया।

उक्त अवसर पर डॉ पद्माकर मिश्र,मनोज कन्नौजिया,डॉ. अंजना त्रिपाठी,डॉ. दिलीप, संदीप चौबे, प्रीति द्विवेदी, महिमा गुप्ता, अंशिका यादव, अरविन्द कटोरे, डॉ. चंद्रशेखर सिंह, काशीनाथ पटेल आदि उपस्थित थे।

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