वाराणसी। लोकसभा चुनाव की तैयारियों में लगे भारत निर्वाचन आयोग ने आगामी चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंगलवार को सर्किट हाउस सभागार में इस संबंध में 31 जिलों के जिलाधिकारियों के लिए ईवीएम, वी वी पैट मशीनों की एफएलसी वर्कशॉप आयोजित हुई। इस वर्कशॉप में 31 जिलों के कलेक्टरों के अलावा उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को भी प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें भारत निर्वाचन आयोग के प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षण दिया।

प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा उपस्थित रहे। जिन्होंने निर्वाचन आयोग की तारीफ करते हुए कहा कि यहां निर्वाचन से संबंधित सब कुछ सिस्टमैटिक व गाइडेड रूप में उपलब्ध है। मंडलायुक्त ने कहा कि पूरी निर्वाचन प्रक्रिया में तीन स्तम्भ ही प्रमुख होते, जिसमें वोटर लिस्ट, ईवीएम मशीन तथा कर्मचारियों की ट्रेनिंग सबसे महत्त्वपूर्ण होती। इन तीनों से बूथ प्रभावित होता। हमें पूरे चुनाव में पुनर्गणना से बचना होगा। उन्होंने ला एंड ऑर्डर को चौथा स्तम्भ बताया। उन्होंने सभी से अक्टूबर में प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची से पहले इस पर काम करने को कहा। उन्होंने ईवीएम की फर्स्ट लेवल व सेकंड लेवल चेकिंग में पूरी सतर्कता बरतते हुए इसमें राजनीतिक दलों के लोगों को भी आमंत्रित करने तथा पूरा रिकॉर्ड रखने को कहा। उन्होंने सभी को पूरी जिम्मेदारी से ट्रेनिंग करने तथा जिले में संबंधित आरओ को भी ट्रेनिंग देने को कहा। उन्होंने कहा कि हम पूरी जिम्मेदारी से इस कार्यशाला में प्रतिभाग करें जिससे कि हम दोषरहित चुनाव कराने में सफल हो सकें।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान इंजीनियरों द्वारा एफएलएसी की लाइव ट्रेनिंग दी गयी। जिसके बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा हैंड्स-ऑन भी किया गया। अंत में अवर सचिव द्वारा जिलों में आयोजित होने वाली एफएलएसी ट्रेनिंग को लेकर कुछ आवश्यक बिंदुओं को सभी के समक्ष रखा गया।

नप्रशिक्षण सत्र के दौरान अवर सचिव भारत निर्वाचन आयोग राकेश कुमार, ओ पी साहनी, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश मनीष शुक्ल, उमेश चंद्र उपाध्याय उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश तथा 31 जिलों के जिलाधिकारी व संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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