
प्रयागराज/ कुंभ क्षेत्र।बुधवार को श्रीमद् आर्यावर्त विद्वत् परिषद् के तत्वावधान में कुम्भमेला प्रयाग स्थित द्वारिका शारदा पीठ के सभागार में सुप्रतिष्ठित विद्वान साहित्य मनीषी डाक्टर रामजी मिश्र की पुस्तक “कुम्भ पर्व और नागा सम्प्रदाय “का लोकार्पण द्वारिका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य अनन्त श्रीविभूषित स्वामी श्री सदानन्द सरस्वती जी महाराज के कर कमलों से सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर पूज्य महाराज श्री ने कहा कि अनन्त ज्ञान राशि को वेद कहते हैं। वेद अपौरुषेय हैं। वेदों में कुम्भ शब्द आया है। पुराणों में समुद्र मंथन की कथा का वर्णन है। वहीं पर कुम्भ पर्व का उल्लेख है। प्रयाग ब्रह्मा की यज्ञ वेदी है। यहाँ इस वर्ष कुम्भ का आयोजन हुआ है। भगवान शंकराचार्य ने अखाड़ों की स्थापना की। इन सबको आधार बनाकर डाक्टर रामजी मिश्र ने यह ग्रन्थ लिखा है। मैं इन्हें आशीर्वचन प्रदान करता हूँ।
डा रामजी मिश्र ने पुस्तक के बारे में विस्तार से बताया।
इस अवसर पर डा एस के पाण्डेय पूर्व आईएएस, विनय श्रीवास्तव, ओम श्रीवास्तव, अभिनव प्रज्ञ पाण्डेय, श्रीमती जया मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
