
वाराणसी। काकोरी ट्रेन एक्शन के शताब्दी वर्ष पर आर्य समाज भोजूवीर में महान बलिदानी व क्रान्तिकारी ठाकुर रोशन सिंह की जयन्ती दिवस पर यज्ञ के पश्चात् यज्ञशाला में लघु गोष्ठी आयोजित हुआ । जिला आर्य प्रतिनिधि सभा वाराणसी के प्रधान प्रमोद आर्य ‘आर्षेय’ ने कहा कि अपने फाँसी के खबर को सुनकर रोशन सिंह ने क्रान्तिकारियों को संदेश दिया कि आप मेरे लिए दुखी ना हों । मैं परमात्मा की गोद में सोने जा रहा हूँ व अपने मित्र को अंतिम लिखे पत्र में यह शेर लिखा था कि ज़िन्दगी जिंदा-दिली को, जान ऐ रोशन । वरना कितने ही यहाँ, रोज़ फ़ना होते हैं। रवि प्रकाश बरनवाल ने कहा कि ठाकुर रोशन सिंह पंडित रामप्रसाद बिस्मिल के साथ कंधे के साथ कंधा मिलाकर काकोरी ट्रेन काण्ड को पूरा करने में सहायता प्रदान किया ।
