वाराणसी। उत्तर प्रदेश के स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने मातृशक्ति को नमन करते हुए कहा कि वेद पुराण से लगाए वर्तमान प्रवेश में भी मातृशक्ति वदनीय है। वेद पुराणों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सीता-राम, लक्ष्मी-नारायण, राधा-कृष्ण आदि के रूप में मातृशक्ति का नाम पुरुषों से पहले लिया जाता है। वर्तमान केंद्र एवं राज्य सरकार मातृशक्ति के उत्थान एवं उनके स्वावलंबन के लिए कृत संकल्पित होते हुए तमाम विशेष योजनाएं संचालित कर रही हैं। जिससे मातृशक्ति आत्मनिर्भर बन सके। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शनिवार को कमिश्नरी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में 400 मातृ शक्तियों को उत्तर प्रदेश के स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल एवं आयुष एवं खाद्य सुरक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ में सम्मानित किया।

मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने मातृ शक्तियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस प्रतिवर्ष 8 मार्च को विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रशंसा और प्रेम प्रकट करते हुए, महिलाओं के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों एवं कठिनाइयों की सापेक्षता के उपलक्ष्य में उत्सव के तौर पर मनाया जाता है। मंत्री ने मातृ शक्तियों के लिए केन्द्र सरकार की योजनाओ की चर्चा करते हुए कहा कि महिला आरक्षण विधेयक नारी शक्ति वंदन अधिनियम अथवा महिला आरक्षण विधेयक भारतीय संसद में प्रस्तुत किया गया। यह वह विधेयक है जिसके पारित होने से संसद में महिलाओं की भागीदारी 33% सुनिश्चित हो जाएगी। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना से बेटियों की संख्या बढ़ी हैं। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ मोदी सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जो भारत में लड़कियों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद कर रही है। यह योजना 2015 में शुरू की गई थी। योजना के तहत बाल लिंग अनुपात में सुधार और लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को आर्थिक लाभ हेतु प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही, यह एक मातृत्व लाभ कार्यक्रम है। यह योजना 2017 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। महिला शक्ति केंद्र से महिलाएं सशक्त हुई। महिला शक्ति केंद्र भारत सरकार द्वारा 2017 में शुरू की गई एक योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना है। यह योजना सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से महिलाओं को सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों से जोड़ने में मदद करती है। सुकन्या समृद्धि योजना से बालिकाओं का भविष्य सुरक्षित हो रहा हैं। मोदी सरकार की ओर से सुकन्या समृद्धि योजना 2015 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य बालिकाओं के भविष्य के लिए बचत को प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत, 10 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं के नाम पर बैंक खाते खोले जा सकते हैं। सुकन्या समृद्धि योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक बचत योजना है, जिसका उद्देश्य बालिकाओं के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करना है। उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना ने धुंए से विशेषकर मातृशक्ति को मुक्ति दिलाई है। मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है ‘उज्ज्वला योजना’। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना को अपने कार्यकाल के शुरुआती दिनों में ही शुरू किया था। यह योजना 2015 में शुरू की गई थी। उज्ज्वला योजना खासतौर पर ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का दायरा बढ़ कर 10 करोड़ परिवारों तक हो गया है। उन्होंने कहा कि तीन तलाक पर प्रतिबंध से मुस्लिम महिलाएं सशक्त हुई है। यह कानून वो बदलाव लेकर आया है, जिसका वो दशकों से इंतजार कर रही थीं। तीन तलाक, जिसे तलाक-ए-बिद्दत भी कहा जाता है, एक ऐसी प्रथा थी, जिसमें एक मुस्लिम व्यक्ति अपनी पत्नी को मौखिक रूप से, लिखित रूप में या इलेक्ट्रॉनिक रूप से तीन

बार “तलाक” शब्द कहकर तलाक दे सकता था। इस प्रथा को मोदी सरकार के प्रयासों के बाद अगस्त,

2017 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा असंवैधानिक घोषित किया गया। महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के मकसद से मोदी सरकार ने महिला ई-हॉट योजना को साल 2016 में लॉन्च किया। इसका उद्देश्य महिला व्यपारियों को अपने प्रोडक्ट ऑनलाइन बेचने के लिए एक मंच प्रदान करना है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ावा देने में मदद कर रही हैं। इसी प्रकार प्रधानमंत्री महिला शक्ति केंद्र योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से सरकार द्वारा ग्रामीण महिलाओं के लिए उपलब्ध कराई गई योजनाओं के बारे में जागरुकता पैदा करने के लिए सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि ‘सखी निवास’, कामकाजी महिला छात्रावास योजना कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास प्रदान करती है। यह योजना उन महिलाओं के लिए है, जो अपने घर से दूर काम करती हैं और उन्हें रहने के लिए सुरक्षित स्थान की आवश्यकता होती है। मोदी सरकार का लक्ष्य 523 छात्रावासों से 26,306 महिलाएं लाभान्वित करने का है। राष्ट्रीय महिला कोष योजना गरीब महिलाओं को छोटे-छोटे लोन देती है, ताकि वे अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें। वन स्टॉप सेंटर योजना हिंसा से प्रभावित महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। यह योजना महिलाओं को सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करती है और उन्हें अपने जीवन को फिर से खड़ा करने में मदद करती है। इस योजना के मुख्य उद्देश्य, हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करना, कानूनी, चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करना, आश्रय और पुनर्वास सेवाएं प्रदान करना और उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करना है। उन्होंने मातृ शक्तियों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाएं का चर्चा करते हुए बताया कि मिशन शक्ति अभियान (उत्तर प्रदेश) के अंतर्गत महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सुरक्षा, सम्मान और रोजगार के अवसर दिए जाते हैं। महिला सुरक्षा बल (एंटी रोमियो स्क्वॉड) गठित किया गया है।यह बल महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महिला ग्राम प्रधान और पंचायतों में भागीदारी- उत्तर प्रदेश सरकार ने पंचायत चुनावों में महिलाओं के लिए 50% सीटें आरक्षित की हैं, जिससे वे राजनीति में आगे बढ़ सकें। प्रदेश के हर जिले में महिला सशक्तिकरण केंद्र खोले गए हैं, जहां महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाती है।महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें सिलाई,

कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर और अन्य कौशलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष योजना के तहत घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न या किसी अन्य हिंसा का शिकार हुई महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गरीब परिवारों की बेटियों की शादी सरकार द्वारा करवाई जाती है और आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश में ‘पिंक बूथ’ और महिला पुलिस की विशेष टुकड़ी बनाई गई है। इस अवसर पर मातृ शक्तियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय, नवीन कपूर सहित भारी संख्या में मातृ शक्ति एवं अन्य लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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