
वाराणसी। विद्युत पेंशनर्स परिषद, वाराणसी क्षेत्र के नेतृत्व में पेंशनर्स के हितों की रक्षा के उद्देश्य से नगर एवं ग्रामीण विद्युत वितरण मंडलों के अधीक्षण अभियंताओं को एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें परिसर में मीटर लगाने की नई योजना के विरोध किया गया। वाराणसी क्षेत्र में लगभग 4500 सेवानिवृत्त विद्युत कार्मिक एवं पारिवारिक पेंशनर्स निवासरत हैं। परिषद के अध्यक्ष ए.के. सिंह और कार्यवाहक अध्यक्ष पी.पी. सिंह ने बताया कि इन पेंशनर्स को निजी एजेंसियों द्वारा मीटर लगाने की धमकी दी जा रही है और मोबाइल पर प्रताड़ित कर धन की मांग की जा रही है, जिससे पूरे पेंशनर समुदाय में रोष व्याप्त है।
इससे पूर्व सिगरा स्थित विद्युत पेंशनर्स परिषद के परिसर में एक आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें पेंशनर्स ने मीटर लगाने की योजना पर तीव्र विरोध जताया। परिषद ने स्पष्ट किया कि 16 जनवरी 2000 के शासनादेश में यह उल्लेख है कि विद्युत कर्मियों की सेवा शर्तें सेवानिवृत्ति के उपरांत भी पहले जैसी ही अनुकूल बनी रहेंगी।
नेताद्वय ने बताया कि पेंशनर्स नियमित रूप से अपने विद्युत बिलों का भुगतान करते हैं और शासन के आदेशों के तहत उन्हें पुरानी पेंशन का लाभ प्राप्त हो रहा है। फिर भी निजी एजेंसियों द्वारा उत्पीड़न निंदनीय है।
ज्ञापन में यह मांग की गई कि जब तक पेंशनर्स के लिए पूर्व में निर्धारित रियायती दर पर बिलिंग व्यवस्था बहाल नहीं की जाती, तब तक मीटर लगाने की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए और उत्पीड़न की घटनाओं को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
बैठक में पूर्व निदेशक पृथ्वी पाल सिंह, पूर्व मुख्य अभियंता ए.के. सिंह, पूर्व स्टाफ अधिकारी एस.पी. त्रिपाठी, एस.आर. राय, ए.पी. शुक्ला समेत अनेक वरिष्ठ पेंशनर्स उपस्थित थे।
