
विशेष संवाददाता, नज़र न्यूज नेटवर्क
वाराणसी।अति प्राचीन एवं प्रसिद्ध शिवपुर की रामलीला में शनिवार को हनुमान मिलन, राम-सुग्रीव की मित्रता एवं बाली वध की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। लीला में दर्शाया गया कि किस प्रकार हनुमानजी ने पहली बार वन में प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण का दर्शन कर स्वयं को धन्य माना तथा उन्हें सुग्रीव से मिलवाया। इसके उपरांत श्रीराम और सुग्रीव के बीच पवित्र मित्रता का सूत्रपात हुआ। राम-सुग्रीव की यह मैत्री ही आगे चलकर सीता माता की खोज और रावण वध की दिशा तय करती है।
लीला में आगे बाली वध प्रसंग का मंचन हुआ, जिसमें सुग्रीव की सहायता हेतु प्रभु श्रीराम ने बाली का वध किया और सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बनाया। बाली वध के समय लीला मंचन में दर्शकों ने जयकारों के साथ उत्साह व्यक्त किया।
समिति अध्यक्ष अतुलेश उपाध्याय ने कहा कि “हनुमान मिलन और राम-सुग्रीव की मित्रता का यह प्रसंग हमें सच्ची निष्ठा, विश्वास और धर्म की रक्षा हेतु समर्पण का संदेश देता है। आज भी यह कथा समाज में एकता और भाईचारे का प्रतीक है।
वहीं मंत्री संतोष मिश्रा ने कहा कि रामलीला की प्रत्येक लीला के माध्यम से समाज को नैतिक शिक्षा मिलती है। बाली वध का प्रसंग अन्याय और अधर्म के अंत का प्रतीक है। शिवपुर की रामलीला की यही विशेषता है कि यहाँ पीढ़ी दर पीढ़ी लोग धर्म की शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। इस अवसर पर इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष अतुलेश उपाध्याय, उपाध्यक्ष विकास सिंह, मंत्री संतोष मिश्रा, उप मंत्री दिनेश गुप्ता, कोषाध्यक्ष आर.एन. सिंह, पृथ्वी नाथ शर्मा, शीतला उपाध्याय, विजय केशरी, सुधांशु पांडेय, रवि कपूर, रिंकू बाजपेई, त्रिलोकी सेठ, रोहित मौर्य,, आनंद तिवारी, अनिल मौर्य राजेश वर्मा, फूलचंद मौर्य, पप्पू जायसवाल, संजय मिश्रा एवं भारी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।
