वाराणसी। उदय प्रताप महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा विश्व अल्जाइमर माह पर अल्जाइमर रोग एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विषयक संगोष्ठी आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य अल्जाइमर जैसे गंभीर सामाजिक और मनोवैज्ञानिक मुद्दे पर जनजागरूकता बढ़ाना और इसकी रोकथाम के उपायों पर समाज में सार्थक विमर्श को प्रेरित करना था। मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष एवं संयोजक, प्रोफेसर संजीव कुमार सिंह ने स्वागत करते हुए कार्यक्रम की महत्ता और अल्जाइमर से जुड़ी सामाजिक चुनौतियों से अवगत कराया। मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में डॉ. विपुल कुमार सिंह (सहायक प्राध्यापक, काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय) ने अपने संबोधन में अल्जाइमर के लक्षण, कारण और भयावहता पर विस्तृत जानकारी दी। डॉ. सिंह ने इस धारणा को बदलने पर बल दिया कि अल्जाइमर कोई अभिशाप है, बल्कि इसे एक रोग मात्र समझा जाना चाहिए। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि सामाजिक समन्वय, पारिवारिक देखरेख और स्नेह के माध्यम से इस रोग की गंभीरता को कम किया जा सकता है, जो अल्जाइमर पीड़ितों के लिए सबसे बड़ी मानसिक संबल प्रदान करता है। संचालन विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. मीनाक्षी सिंह और धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापक डॉ. अनुराग उपाध्याय ने किया। सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार ज्ञापन किया। डॉ. अनुराग ने आज के समाज को अल्जाइमर से लड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया और इसके रोकथाम के संकल्प के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता दर्शाई। मनोविज्ञान विभाग की यह पहल विद्यार्थियों में अल्जाइमर की रोकथाम के महत्व और मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन के उपायों के प्रति जागरूकता फैलाने में उपयोगी सिद्ध होगा ।

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