
तेरे सपनों का हिंदुस्तान हम सजायेंगे
एकता- शांति के लिए कदम मिलाएंगे
आपसी प्यार मोहब्बत को हम बढ़ाएँगे I
तेरी बगिया की खुशबू कम नहीं होने देंगे,
आसमान तक तिरंगे को हम फहरायेंगे
तेरे सपनों का हिंदुस्तान हम सजायेंगे II1II
खून का बूंद कोई व्यर्थ नहीं जायेगा,
क्रांति की मसाल सदा जगमगायेगा I
तेरे अरमान राष्ट्र प्रेम के न कम होंगे,
मातृ भूं के चरण शीश हम झुकायेंगे I
तेरे सपनों का हिंदुस्तान हम सजायेंगेII2II
जाति धर्म भूल कर दिये थे कुरबानी,
हिंदू,मुसलमान,सिक्ख -ईसाई शानी I
संयम से संघर्ष हमेशा करते रहेंगे ,
आतंकवाद- नक्सलवाद को मिटायेंगे I
तेरे सपनों का हिंदुस्तान हम सजायेंगेII 3II
करो या मरो देशवासियों में जान दिया,
नौजवान बूढ़े बच्चों ने बलिदान दिया I
सिंदूर धुल गए, बहनों ने राखी बाँधा नहीं,
वीर शहीदों को श्रद्धा सुमन हम चढ़ाएँगे I
तेरे सपनों का हिंदुस्तान हम सजायेंगे II4II
जब तक सूरज चाँद जमीं सितारे होंगे,
बापू तेरे नाम पर दीपक जलते रहेंगे I
संकल्प लें *नरेश* चमन यह बिहंसता रहे,
शिक्षा, स्वास्थ्य – स्वछता मिशन अपनाएंगे I
तेरे सपनों का हिंदुस्तान हम सजायेंगे II5II
कवि इंजी.राम नरेश “नरेश “
वाराणसी (उ.प्र)
