
वाराणसी। परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम पेश करते हुए मिसेज एशिया विजयता सचदेवा ने इस बार करवा चौथ को एक नए अंदाज़ में मनाकर सबका दिल जीत लिया। उन्होंने परिवार संग मिलकर इस पवित्र व्रत को पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया, जो प्रेम, आस्था और समर्पण की मिसाल बन गया।
सचदेवा ने कहा — “करवा चौथ केवल एक व्रत नहीं, बल्कि यह हमारे भारतीय संस्कारों की पहचान और पति-पत्नी के अटूट प्रेम का प्रतीक है। आज के आधुनिक युग में भी ऐसी परंपराएँ हमें हमारी जड़ों से जोड़ती हैं।”
संध्या बेला में जब चाँद निकला, तो सचदेवा ने सजधजकर पारंपरिक पंजाबी परिधान में थाली और छलनी से चाँद और अपने जीवनसाथी का दर्शन किया। परिवार के सभी सदस्य इस खुशनुमा माहौल में भावनाओं और प्रेम से सराबोर रहे। उनके घर में दीयों की रौशनी, पारंपरिक संगीत और सजीव उल्लास ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इस आयोजन के माध्यम से सचदेवा ने समाज को यह संदेश दिया कि“त्योहार केवल रस्म नहीं, बल्कि रिश्तों को मज़बूत बनाने का माध्यम हैं।”
