
लखनऊ। रविवार को एफिल क्लब के प्रांगण में अथर्व इंडिया अंतरराष्ट्रीय शोध संस्थान द्वारा पुस्तक लोकार्पण एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मश्री डॉ विद्या बिंदु सिंह ने की।
मुख्य अतिथि डॉ आलोक रंजन (पूर्व मुख्य सचिव उ प्र ) एवं श्री आत्मप्रकाश मिश्रा (उपनिदेशक उ प्र दूरदर्शन) रहे।
विशिष्ट अतिथि डॉ अमिता दुबे (प्रधान संपादक उ प्र हिंदी संस्थान) एवं श्री सर्वेश अस्थाना अंतरराष्ट्रीय हास्य कवि मौजूद थे।
कार्यक्रम दीप प्रज्वलन और वाणी वंदना से शुरू हुआ सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए डॉ वी बी पाण्डेय ने सभी का आभार व्यक्त किया और अथर्व इंडिया को मिल रहे राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय व स्थानीय सहयोग के प्रति भी आभार व्यक्त किया। इसी क्रम में वरिष्ठ साहित्यकारों को संस्था द्वारा साहित्य प्रणेता सम्मान से नवाजा गया।
सम्मान श्री देवकी नंदन शांत, श्री शिव भजन कमलेश, डॉ कैलाश देवी, श्री रामबहादुर मिसिर, श्री रामेश्वर द्विवेदी प्रलयंकर, श्री अशोक चौधरी, सुधाकर अदीब, श्री संजीव जायसवाल, श्री रवि भट्ट, श्री कृपाशंकर श्रीवास्तव को संस्था के द्वारा अतिथियों के हाथों दिए गए।
इसी क्रम में संस्था ने युवा रचनाकारों के लिए साहित्य साधक सम्मान भी प्रदान किए गए।
सम्मान पाने वालों में श्री राकेश जोशी, श्री वंदना विशेष, डॉ जयति ओझा, श्री योगेश शुक्ला योगी, सुश्री प्रतिभा श्रीवास्तव, श्रीमती मधु पाठक मांझी, श्री रश्मि शरद, श्रीमती प्रज्ञा शुक्ला वृंदा, सुश्री मल्लिका त्रिपाठी, और श्री कुमार आनंद थे।
कार्यक्रम के इसी क्रम में डॉ अर्चना प्रकाश जी की तीन कृतियों का लोकार्पण किया गया। इनकी शून्य में समाधान, मुट्ठी में दुनिया, और आकाश को छूती लखनऊ की लेखिकाएं कृतियां आज इस कार्यक्रम में लोकार्पित हुई।
पुस्तक की समीक्षा पर श्री गोपाल नारायण श्रीवास्तव, श्री गोपाल कृष्ण, डॉ अलका प्रमोद और सुश्री अंजना मिश्रा ने अपने विचार रखे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ अमिता दुबे ने संस्था को इस आयोजन और डॉ अर्चना प्रकाश की तीनों कृतियों के लिए बहुत बहुत बधाई देते हुए उन्हें एक सच्ची रचनाकार कहा।
विशिष्ट अतिथि श्री सर्वेश अस्थाना अतहर इंडिया को साधुवाद दिया और डॉ अर्चना प्रकाश को इतनी अच्छी कृतियों के लिए बधाई दी। मुख्य अतिथि श्री आलोक रंजन ने इस अभिनव कार्यक्रम को और संस्था को आज के समय की जरूरत बताते हुए लेखिका को बधाई दी। श्री आत्मा प्रकाश मिश्रा ने लेखिका को बधाई देते हुए उन्हें आगे केके लेखन की शुभकामनाएं दी।
युवा रचनाकार साहित्य साधक सम्मान के सम्मानित जनो ने अपना काव्य पाठ भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही पद्मश्री डॉ विद्या बिंदु सिंह ने अथर्व इंडिया के सनातन धर्म और वैदिक साहित्य और लोक संस्कृति विषयों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों, युवाओं विद्यार्थियों के लिए किए जा रहे उनके कार्यों और 13 पौराणिक विषयों के लिए सर्टिफिकेट कोर्स संस्था शुरू करने वाली है, उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। डॉ अर्चना प्रकाश को उनकी तीनों अलग अलग विधाओं में लिखी पुस्तकों के लोकार्पण पर बहुत बहुत बधाई दी ।
धन्यवाद ज्ञापित करते हुए संस्था की निदेशक श्रीमती अनिशा कुमारी ने सभी अतिथियों सम्मानित साहित्यकारों और डॉ अर्चना प्रकाश समेत सभी का आभार व्यक्त किया।
