
अन्तर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र में आन लाइन कार्यशाला का दूसरा दिन
वाराणसी। मंगलवार को अन्तर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केन्द्र, बीएचयू, वाराणसी में पाँच दिवसीय “पेडागॉजी, असेसमेंट एंड केस-बेस्ड टीचिंग स्किल्स इन साइंस फॉर हायर एजुकेशन” विषयक ऑनलाइन शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम के दूसरे दिन की शुरुआत डॉ० ज्ञानेंद्र सिंह, सहायक आचार्य, आईयूसीटीई, वाराणसी के “प्रिंसिपल्स ऑफ़ इफेक्टिव असेसमेंट” विषय पर व्याख्यान से हुई। उन्होंने कहा कि रचनात्मक मूल्यांकन सीखने की प्रक्रिया को मजबूत करता है, जबकि सारांशात्मक मूल्यांकन उपलब्धियों को मापता है।
दूसरे सत्र में डॉ० राज सिंह, सहायक आचार्य, आईयूसीटीई, वाराणसी ने “डिज़ाइनिंग रुबरिक्स एंड सी बी एस स्किल्स फॉर असेसमेंट एक्सीलेंस” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने रुब्रिक्स के प्रभावी निर्माण की प्रक्रिया को चरणबद्ध ढंग से समझाया और मूल्यांकन में उनकी भूमिका को रेखांकित किया। सत्र के दौरान प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन गतिविधियों के माध्यम से रुब्रिक्स डिज़ाइन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। इस अभ्यास ने शिक्षकों को मूल्यांकन की पारदर्शिता और उद्देश्यपरकता सुनिश्चित करने की दिशा में सशक्त किया।
तीसरे सत्र में डॉ० ज्ञानेंद्र सिंह, सहायक आचार्य, आईयूसीटीई, “इनोवेटिव असेसमेंट मेथड्स” पर बोलते हुए कहा कि मूल्यांकन केवल पारंपरिक टेस्ट तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने छात्रों की क्रिएटिविटी, प्रॉब्लम सॉल्विंग और व्यावहारिक कौशल को मापने वाले नए तरीकों को क्लास में अपनाने पर जोर दिया। साथ ही, चौथे सत्र में उन्होंने “डेवलपिंग एन असेसमेंट प्लान फॉर अ सैंपल साइंस मॉड्यूल” विषय पर एक व्यावहारिक कार्यशाला आयोजित की। इस कार्यशाला में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और मूल्यांकन की प्रक्रिया को गहराई से समझा।
कार्यक्रम में देश के 16 से अधिक राज्यों-उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, हरियाणा, उत्तराखंड, गुजरात, झारखंड, और महाराष्ट्र आदि से 60 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के संयोजक डॉ० ज्ञानेंद्र सिंह, आईयूसीटीई, डॉ० कुशाग्री सिंह, आईयूसीटीई, और डॉ० राज सिंह, आईयूसीटीई हैं।
