
वाराणसी।सनबीम लहरतारा के विद्यार्थियों ने एक बार फिर ईज़ी हेल्प, इंस्पायर्ड बाय नेचर के फ्लावर रीसाइक्लिंग प्रोजेक्ट का दौरा किया। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य मंदिरों में चढ़े हुए फूलों को पुनः उपयोग में लाकर उन्हें धूप, अगरबत्ती और अन्य पर्यावरण अनुकूल उत्पादों में बदलना है।
विद्यार्थियों ने पूरे निर्माण-प्रक्रिया को नज़दीक से देखा — मंदिरों से फूलों के संग्रहण से लेकर उन्हें सुखाने, पाउडर बनाने और धूप-अगरबत्ती तैयार करने तक। उन्होंने स्वयं भी इस प्रक्रिया में भाग लिया और अपने हाथों से धूप-अगरबत्ती बनाना सीखा। बच्चों की जिज्ञासा और सहभागिता देखकर संस्था के सदस्यों ने उन्हें प्रोत्साहित किया तथा इस विशेष अनुभव की स्मृति स्वरूप ईज़ी हेल्प की ओर से सुंदर धूप बॉक्स भेंट किए। यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए केवल एक शैक्षिक अनुभव नहीं था, बल्कि एक महत्वपूर्ण संदेश भी था — कि जब सोच, समर्पण और नवाचार जुड़ जाए, तो “कचरा” भी “कृति” बन सकता है।
