वाराणसी। सचिव, वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा बताया गया है कि वार्ड-चौक अन्तर्गत दालमण्डी पर बिना प्राधिकरण की अनुमति/स्वीकृति के कुल 12 अवैध भवनों पर उ०प्र० नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत नोटिस की कार्यवाही करते हुए नियमानुसार पूर्व में ही ध्वस्तीकरण आदेश पारित किया गया था, इन 12 भवन स्वामियों द्वारा अपने अनाधिकृत निर्माण पर पारित ध्वस्तीकरण आदेश के क्रम में प्राधिकरण कार्यालय में न तो कोई अनुज्ञा प्रपत्र/स्वीकृत मानचित्र कराये जाने का प्रयास किया गया और न ही स्वामित्व अभिलेख प्रपत्र ही प्रस्तुत किये गये। जिस कारण इन अनाधिकृत निर्माण के विरुद्ध पूर्व में पारित ध्वस्तीकरण आदेश प्रभावी रहा। मौके पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही कराये जाने से पूर्व सभी उभय पक्षों को अंतिम रूप से सूचित करते हुए समस्त अवैध भवन/दुकानों को अध्यासन मुक्त करने हेतु मौके पर संबंधित उभय पक्षों को सूचित किया गया एवं नोटिस चस्पा कराते हुए 03 दिवस तक लाउडस्पीकर से मुनादी भी कराकर 14 नवंबर तक का समय दिया गया था।प्राधिकरण स्तर से समस्त 12 अवैध भवन स्वामियों एवं दुकानदारों को विधि सम्यक सुनवाई का समुचित अवसर देते हुए ध्वस्तीकरण की कार्यवाही जा रही है।

पुलिस उपायुक्त, जोन काशी कमि० ने बताया कि दालमंडी सड़क का चौड़ीकरण नई सड़क से लेकर थाना चौक रोड तक प्रस्तावित है जिस पर नगर निगम/राजस्व/पी.डब्ल्यू.डी, वीडीए द्वारा 18 नवंबर को पुलिस प्रशासन के साथ नियमानुसार भवन संख्या डी 50/221 काजीपुरा कला दशाश्वमेघ के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही हेतु गये थे। मौके पर शान्ति व्यवस्था बनाये रखने हेतु पर्याप्त पुलिस बल की ड्यूटी लगायी गयी है। उल्लेखनीय है कि भवन डी 50/221 काजीपुरा कला दशाश्वमेध को वी०डी०ए० द्वारा अवैध घोषित कर दिया गया था, जिसे 18 नवंबर को खाली

कराने हेतु वीडीए व नगर निगम की टीम गयी थी, सम्बन्धित द्वारा मकान खाली नहीं करने व भीड़ कर विरोध प्रदर्शन करने पर वादी सैरभ देव प्रजापति जोनल अधिकारी विकास प्राधिकरण द्वारा दिये गये तहरीर के आधार पर थाना चौक पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा कतिपय लोगो एवं अज्ञात के विरुद्ध पंजीकृत कराया गया है। जिसकी विवेचना उ०नि० द्वारा किया जा रहा है। सहायक पुलिस आयुक्त दशाश्वमेध/प्र०नि० चौक/विवेचक को अभियोग उपरोक्त में साक्ष्य संकलन की कार्यवाही पूर्ण कर विवेचना का गुण-दोष के आधार पर विधिक निस्तारण किये जाने तथा प्रकरण पर सतर्क दृष्टि रखते हुए शांति/कानून व्यवस्था बनाये रखने हेतु निर्देशित किया गया है।

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