
वाराणसी। लगभग एक वर्ष बाद मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला का अपने परिजनों से भावुक मिलन हुआ। यह महिला वाराणसी के नक्की घाट क्षेत्र में सड़क पर असहाय अवस्था में भिक्षा माँगने को मजबूर थी। सूचना मिलने पर अपना घर आश्रम, वाराणसी की टीम ने उन्हें रेस्क्यू कर आश्रम में सुरक्षित स्थान प्रदान किया। उनकी मानसिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी, जिसमें निरंतर देखभाल, सेवा और चिकित्सकीय उपचार के बाद धीरे-धीरे सुधार हुआ। स्वास्थ्य में सुधार आने पर महिला प्रभु ने अपने घर का पता नक्की घाट क्षेत्र बताया। इसके बाद आश्रम की रेस्क्यू एवं पुनर्वास टीम की सदस्य श्रीमती पूजा श्रीवास्तव द्वारा इन्हें घर पहुँचाया गया, परन्तु दुर्भाग्यवश इनके पति ने इन्हें स्वीकार करने से इंकार कर दिया, क्योंकि वह दूसरी शादी कर चुका था। कई बार काउंसलिंग के बाद भी वह इन्हें रखने को तैयार नहीं हुआ।
महिला प्रभु की इच्छा के अनुसार पुनर्वास टीम ने उन्हें उनके मायके, चंदौली जिले में ले जाकर आज सुरक्षित रूप से छोड़ा, जहां परिजनों ने उन्हें स्नेह और सम्मान के साथ सहर्ष स्वीकार किया।
इस पुनर्वास ने न केवल महिला प्रभु के जीवन में नई रोशनी जगाई, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और सेवा की सर्वोत्तम मिसाल भी पेश की।
