
वाराणसी। बाबू जगत सिंह कोठी में मातृभूमि संस्था द्वारा तैयार क्रांतिकारी पंचांग–2026 का लोकार्पण शुक्रवार को किया गया। मुख्य अतिथि पद्म भूषण राम बहादुर राय ने कहा कि अब समय आ गया है कि बाबू जगत सिंह की कोठी को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा दिया जाए। उन्होंने कहा कि इतिहास वर्तमान को अतीत से जोड़ता है और भविष्य की दिशा दिखाता है। स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले अनेक अनाम क्रांतिकारियों को सामने लाने की आवश्यकता है। उन्होंने 1799 की काशी की बगावत का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबू जगत सिंह न केवल महान क्रांतिकारी थे, बल्कि सर्वधर्म समभाव के समर्थक भी थे।
मातृभूमि संस्था के राकेश कुमार ने कहा कि अनाम क्रांतिकारियों पर शोध तभी पूर्ण होगा जब उनके घरों और विरासत तक पहुंचा जाए। इतिहासकार डॉ. हामिद आफाक कुरैशी ने कहा कि बाबू जगत सिंह बहुगुण संपन्न व्यक्तित्व थे और उनके जीवन के अन्य पहलुओं पर जल्द पुस्तक प्रकाशित की जाएगी। आरंभ सरस्वती शिशु मंदिर की छात्राओं ने वंदे मातरम के सामूहिक गायन से हुई। अध्यक्षता भंते डॉ. के सुमेध थेरो ने की। विशिष्ट अतिथि राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल रहे। संचालन डॉ. (मेजर) अरविन्द कुमार सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन राजेंद्र कुमार दुबे ने किया। इस अवसर पर डॉ नागेंद्र पांडेय, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ राम सुधार सिंह, अशोक आनंद,पद्मश्री चंद्रशेखर सिंह पूर्व एमएलसी केदारनाथ सिंह, सूबेदार सिंह, विक्रमा राय, प्रो उपेंद्र मणि त्रिपाठी , प्रो ध्रुव कुमार ,प्रो अरविंद जोशी, प्रो प्रवेश भारद्वाज ,डॉ राजकुमार सिंह, प्रेम कपूर, परमजीत सिंह अहलूवालिया, अंकिता खत्री ,गोकुल शर्मा , केदार तिवारी , नरेंद्र नाथ मिश्रा , हिमांशु उपाध्याय ,डॉ कविन्द्र नारायण ,पुरुषोत्तम मिश्रा , आचार्य दिनेश पांडे ,महेश चंद्र अवनीधर, अरविंद सिंह (एडवोकेट) और चित्रकार मनीष खत्री , उपेंद्र गुप्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट शिशिर बाजपेई, व्यापार मंडल के संजय सिंह बिल्लू , शमीम, विकास यादव , एहसन अहमद,नीची बाग गुरुद्वारा के मुख्य ग्रंथि के अतिरिक्त भारी संख्या में शिक्षाविद और शहर के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
