वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय ने तिरुपति में आयोजित भारतीय विज्ञान सम्मलेन 2025 में द्वितीय स्थान प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम गौरवान्वित किया है। तिरुपति स्थित राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित इस चार दिवसीय सम्मलेन में विश्वविद्यालय के भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

इस सम्मलेन का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के समन्वय को सुदृढ़ करना था। देशभर से आए वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों और विद्वानों ने भारतीय परंपरागत ज्ञान को समकालीन वैज्ञानिक दृष्टि से प्रस्तुत किया।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने इस सफलता को सामूहिक प्रयास का फल बताया।

उन्होंने कहा कि यह सम्मान भविष्य में भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित शोध को और अधिक गति प्रदान करेगा तथा विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नई पहचान दिलाएगा।

भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र की प्रस्तुति में भारतीय दर्शन, आयुर्वेद, गणित, खगोल विज्ञान, पर्यावरण तथा भाषिक परंपरा से जुड़े विषयों को आधुनिक वैज्ञानिक संदर्भों के साथ प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। केंद्र की इस प्रस्तुति को निर्णायक मंडल द्वारा विशेष सराहना मिली।

इस सम्मलेन में प्रतिभाग करने हेतु भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र के प्रधान गवेषक डॉ. ज्ञानेन्द्र सापकोटा के साथ केंद्र के प्रशिक्षु सजल शर्मा एवं श्री ऋषभ कुमार मिश्र तिरुपति में सहभाग किए।

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