वाराणसी।मकर संक्रांति 2026 पर षटतिला एकादशी भी पड़ रही है, जिससे खिचड़ी और चावल दान को लेकर लोगों में मतभेद है। एकादशी के दिन क्या दान करना सही है।इस विषय पर ज्योतिषाचार्य ने सलाह आपको दी।

उन्होंने कहा मकर संक्रांति के दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं इस बार मकर संक्रांति के दिन 108 वर्ष के बाद एक बेहद दुर्लभ संयोग देखने को मिल रहा है। इस बार 14 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ-साथ षटतिला एकादशी भी पड़ रही है। जो बहुत ही कम देखने को मिलता है. दरअसल, मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी बनाने, उसका भोग लगाने और जरूरतमंदों को दान करने का महत्व है। ऐसे में आमतौर पर लोग मकर संक्रांति पर सुख, समृद्धि बढ़ाने और पुण्य पाने के लिए चावल और दाल (खिचड़ी) दान करते हैं. लेकिन इस बार श्रद्धालुओं के लिए थोड़ी उलझन की स्थिति है।

दरअसल, एकादशी के दिन चावल या चावल से बनी चीजें जैसे खिचड़ी खाना या दान करना वर्जित माना जाता है. ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल है कि आखिर मकर संक्रांति पर इस बार खिचड़ी दान करें या नहीं? और अगर खिचड़ी दान ना करें तो फिर क्या दान दें?

ज्योतिषाचार्य श्रीमती सरिता अग्रवाल का कहना है कि श्रद्धालु पूजा और दान करते समय एकादशी के नियमों का ध्यान रखें । एकादशी के दिन चावल को हाथ भी नहीं लगाना चाहिए। एकादशी के दिन चावल का दान करने से पुण्य नहीं मिलता। इसलिए जो लोग हर साल परंपरा के अनुसार खिचड़ी दान करते हैं, उन्हें इस बार खास सावधानी रखने की जरूरत है अगर आप मकर संक्रांति पर पुण्य प्राप्त करना चाहते हैं और एकादशी के नियम का पालन भी करना चाहते हैं, तो खिचड़ी या चावल का दान ना करना ही अच्छा माना जा रहा है. इसके बजाय आप सफेद और काली तिल या तिल के लड्डू, गुड़, गेहूं, चना दाल ,बाजरा और अन्य अनाज दान कर सकते हैं।

अनाज दान करने के साथ ही आप गरम कपड़े, कंबल या स्वेटर , पैरों के लिए मौजें, स्कार्फ भी जरूरतमंदों को दान में दे सकते हैं।

ज्योतिषाचार्य श्रीमती सरिता अग्रवाल जी का सुझाव है कि अगर आप खिचड़ी दान करना ही चाहते हैं, तो इसे अगले दिन यानी 15 जनवरी को दान कर सकते हैं. इस तरह आप दोनों त्योहारों का पुण्य भी प्राप्त कर सकेंगे और नियमों का उल्लंघन भी नहीं होगा. दरअसल, एकादशी से अगले दिन द्वादशी पर चावल दान करना शुभ माना जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *