
वाराणसी। उदय प्रताप स्वायत्तशासी महाविद्यालय में भारत सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत संचालित विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम–2026 का सफल, गरिमामय एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के अनुरूप युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रतिभागियों के पंजीकरण के उपरांत अतिथियों के आगमन, दीप प्रज्वलन एवं स्वागत के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह, मुख्य अतिथि कीर्ति देव वर्मा तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब युवा शिक्षा, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। उन्होंने “वंदे मातरम्” के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रवादी महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में सहभागी बनने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि कीर्ति देव वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि आज का युवा केवल भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की भी सबसे सशक्त शक्ति है। उन्होंने युवाओं से आत्मनिर्भर, अनुशासित एवं राष्ट्र के प्रति समर्पित रहते हुए अपने कौशल और विचारों के माध्यम से देशहित में कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार राय ने समाज के विकास में युवाओं की भूमिका, सामाजिक समरसता तथा जिम्मेदार नागरिक बनने के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. आनंद राघव चौबे, डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, श्री अग्नि प्रकाश शर्मा एवं सुश्री श्वेता सोनकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्वयंसेवकों ने अनुशासन एवं सक्रिय सहभागिता का परिचय दिया। स्वागत उद्बोधन संयोजक श्री अग्नि प्रकाश शर्मा, मंच संचालन भूमि सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने किया। अंत में स्वयंसेवकों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा सामूहिक “वंदे मातरम्” एवं “जय हिंद” के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
