वाराणसी। ज़िलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने शुक्रवार को रोपवे परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति जानी और आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। उन्होंने रथयात्रा स्टेशन की प्रगति का आकलन किया तथा सिविल और फिनिशिंग गतिविधियों को बारीकी से देखा। इसके अलावा उन्होंने रोपवे परिचालन तैयारियों की जांच कर व्यवस्थाओं को परखा। नेशनल हाइवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के अभियंता ने बताया कि वाराणसी रोपवे 3.85 किलोमीटर लंबा है और वाराणसी कैंट स्टेशन को गोदौलिया चौक से जोड़ता है। इसकी अधिकतम क्षमता 3,000 यात्रियों की है और यह प्रतिदिन 16 घंटे चलता है। यह पूरी यात्रा 15 मिनट में पूरी करता है। निरीक्षण के दौरान रिपोर्ट की गई भौतिक प्रगति 91.40% है।

जिलाधिकारी ने नेशनल हाइवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के अभियंताओं से स्टेशन परिसर के भीतर यात्रियों की आवाजाही के साथ-साथ प्रवेश और निकास व्यवस्था पर चर्चा की।

इसके अलावा जिलाधिकारी द्वारा यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर विचार-विमर्श किया गया, जिसमें डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी), हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर (एचएमडी) के माध्यम से तलाशी लेना और टर्नस्टाइल के माध्यम से विनियमित प्रवेश और निकास शामिल हैं।स्टेशन परिसर के भीतर फूड कोर्ट सुविधा और वाणिज्यिक स्थानों की उपलब्धता और योजना पर चर्चा की गई।स्टेशन पर मौजूदा पार्किंग सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने भविष्य में चार पहिया वाहनों की पार्किंग के किसी भी प्रस्ताव के बारे में जानकारी ली।स्टेशन पर उपलब्ध सौर ऊर्जा क्षमता पर चर्चा की गई और यह जानकारी दी गई कि स्थापित सौर पैनलों की क्षमता 120 किलोवाट है।जिलाधिकारी ने रथयात्रा स्टेशन पर अंतिम रूप देने के कार्यों के पूरा होने के बारे में पूछताछ की,तो कार्यदायी संस्था ने बताया किया कि अंतिम रूप देने का काम 15 मार्च 2026 तक पूरा होने की संभावना है। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों को मानक और गुणवत्ता के साथ ससमय पूर्ण कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने गोंडोला की आवाजाही और यात्रियों के चढ़ने-उतरने की प्रक्रिया के बारे में भी पूछताछ की, जिसके बारे में नेशनल हाइवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के अभियंता ने विस्तार से जानकारी दी।

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