वाराणसी। शुक्रवार को वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई: A द्वारा एक दिवसीय शिविर के अंतर्गत ”सड़क सुरक्षा जागरूकता” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शशि प्रभा कश्यप के मार्गदर्शन में किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को यातायात नियमों, सुरक्षित वाहन संचालन तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के प्रति जागरूक करना था। इस आयोजन के माध्यम से युवाओं को जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका समझाने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत एनएसएस ताली, थीम गीत और हम होंगे कामयाब गीत के साथ अतिथि वक्ता का स्वागत करने के बाद की गई। उसके बाद महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने पूरे कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया।

इस अवसर पर डॉ. शशि प्रभा कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जागरूकता और अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को यातायात नियमों का पालन करने तथा अपने परिवार और समाज में भी जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री उदयराज यादव, ट्रैफिक सब- इंस्पेक्टर, पुलिस ट्रैफिक कमिश्नरेट, वाराणसी थे।

उन्होंने अपने संबोधन में सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों जैसे तेज गति, लापरवाही, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग, नशे में ड्राइविंग तथा हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग न करने पर प्रकाश डाला। उन्होंने यातायात संकेतों, ज़ेब्रा क्रॉसिंग, सड़क चिह्नों एवं लेन अनुशासन के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने सुरक्षित ड्राइविंग प्रथाओं, यातायात नियमों पर बहुमूल्य जानकारी साझा की। उन्होंने वर्तमान सड़क दुर्घटना के आंकड़ों के बारे में बात की, जैसे दुनिया भर में: प्रति दिन 3,700 सड़क दुर्घटना मौतें, भारत में प्रति दिन 422 सड़क मौतें, सबसे अधिक प्रभावित आयु समूह: 16-45 वर्ष तथा बताया कि राज्यवार आंकड़ों में उत्तर प्रदेश (यूपी) पहले स्थान पर है जबकि एमपी दूसरे स्थान पर है ।

कुछ महत्वपूर्ण कानूनों के बारे में उन्होंने चर्चा की, जैसे भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), मोटर वाहन अधिनियम (एमवी अधिनियम) – सड़क सुरक्षा नियमों और दंड को नियंत्रित करता है, एमवी अधिनियम में संशोधन, बढ़ी हुई जुर्माना राशि और दंड। उन्होंने हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी), एचएसआरपी न होने पर जुर्माना, सड़क संकेत और जागरूकता, गति और हेलमेट विनियम, गुड सेमेरिटन कानून – धारा 134 (ए) प्रक्रिया और गोल्डन ऑवर (दुर्घटना के 1 घंटे के भीतर) में मदद करने पर किसी व्यक्ति को दिए जाने वाले पुरस्कार और यातायात नियम और दंड के बारे में भी बात की और सड़क सुरक्षा के लिए डिजिटल समाधान, डिजी लॉकर और एमपरिवहन ऐप पर भी जानकारी दी।

कार्यक्रम का संचालन एनएसएस स्वयंसेविका भाविका मोहनानी एवं देवप्रभा द्वारा किया गया तथा समापन सड़क सुरक्षा शपथ तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कश्यप के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें 153 छात्राओं एवं स्वयंसेवकों ने यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित सड़क व्यवहार अपनाने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं सफल रहा, जिसने समाज के प्रति एनएसएस की प्रतिबद्धता को दर्शाया।

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