ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य जी के ऊपर बिल्कुल यह झूठा आरोप लगाया गया है। यह राजनीतिक आरोप है, षड्यंत्र है। एक प्रकार से हिंदू सनातन धर्म के आचार्यों पर यह आक्षेप करना बिल्कुल सोची-समझी चाल है। लोगों को तैयार करके वक्तव्य दिलवाया जा रहा है।

अंत में आप पाएंगे कि उनकी विजय होगी, क्योंकि सत्य प्रताड़ित हो सकता है, पराजित नहीं हो सकता। सत्य की हमेशा विजय होगी।

उक्त बातें द्वारका शारदापीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती जी महाराज ने कही।

उन्होंने कहा कि हम लोग चाहते हैं कि हमारे देश का राजा धार्मिक होना चाहिए। अविमुक्तेश्वरानंद जी सिद्धांत की बात करते हैं, धर्म की बात करते हैं, सनातन की बात करते हैं। पार्टी वाले उसको अपने ऊपर ले लेते हैं। सनातनी परंपरा को नष्ट-भ्रष्ट करने का जो प्रयास अंग्रेजों ने प्रारंभ किया था, आज के राजनीतिक दल भी उसी का अनुकरण कर रहे हैं। इसके लिए पक्ष और विपक्ष दोनों ही जिम्मेदार हैं। जो आज विपक्ष में हैं, वे कभी पक्ष में थे।

आगे कहा कि गौहत्या बंद की जाएगी तो दोनों पक्ष बिल्कुल आपके सामने हैं। जो आज विपक्ष में हैं, वे कभी सत्ता में थे। उन्होंने कहां गौहत्या बंद की? गौहत्या तो स्वामी जी का मूल मुद्दा है। गौहत्या के मुद्दे से भटकाने के लिए यह कुत्सित प्रयास किया जा रहा है, जो विफल होगा, भले ही समय लगे। साधु-संन्यासी और महात्मा जो असली होंगे, वे अभिमुक्तेश्वरानंद जी के पक्ष में आयेंगे और जिन्होंने सत्ता को सत्य समझ लिया है वे सत्ता का समर्थन करेंगे।

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