
वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है कि इसके सात विद्यार्थियों का चयन बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से सहायक संग्रहालयाध्यक्ष पद पर हुआ है।
विशेष उल्लेखनीय है कि कुल 10 चयनित अभ्यर्थियों में से 7 विद्यार्थी इसी विश्वविद्यालय के पुरातत्व एवं संग्रहालय विज्ञान स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम से सम्बद्ध रहे हैं, जो विश्वविद्यालय की उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपरा का सशक्त प्रमाण है।
चयनित क्रमशः शानु आनन्द (2017–2018), सुजीत कुमार तिवारी (2018–2019), अमित रंजन, सुधा सिंह (2020–2021), सुमन कुमारी (2018–2019), दिलीप कुमार (2009–2010) एवं विवेक शुक्ल (2020–2021) शामिल हैं।
ये सभी विद्यार्थी विश्वविद्यालय के पुरातत्व एवं संग्रहालय विज्ञान स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम से अध्ययनरत रहे हैं अथवा वर्तमान में अध्ययन कर रहे हैं।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने सभी चयनित विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों के सतत परिश्रम, अनुशासन एवं समर्पण का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सम्पूर्ण विश्वविद्यालय परिवार के लिए अत्यंत गौरव का विषय है और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी।
कुलपति ने आगे कहा कि विश्वविद्यालय सदैव अपने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुदृढ़ मार्गदर्शन एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे वे विभिन्न प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
सामाजिक विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेश कुमार मिश्र, प्रो. जितेन्द्र कुमार,प्रो राजनाथ, प्रो अमित कुमार शुक्ल, डॉ विमल कुमार,अभियंता राम विजय सिंह सहित समस्त विश्वविद्यालय परिवार ने हर्ष व्यक्त करते हुए सभी चयनित विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं कीं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये विद्यार्थी देश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
