
लोक चेतना की ओर से आयोजित जवनका मंगल में कविता, नृत्य और संगीत की शानदार प्रस्तुति
वाराणसी। सामाजिक संस्था लोक चेतना की ओर से वरुणा तट स्थित शास्त्री घाट पर ‘जवनका मंगल’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर दिव्यांगजन समेत 51 विशिष्ट लोगों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कवि सम्मेलन से हुई। जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लगभग 30 कवियों ने अपने काव्य पाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद मां वरुणा की भव्य आरती संपन्न हुई। आरती के पश्चात राष्ट्रीय विरहा गायक दीपक सिंह ने चैती गीत प्रस्तुत कर समा बांध दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में एसएन परफॉर्मेंस के बच्चों ने भरतनाट्यम की आकर्षक प्रस्तुति दी। वहीं विजन वाल्मीकि टीम ने शिव-पार्वती नृत्य से दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। चंदन दास के निर्देशन में नरसिंह लीला का मंचन भी किया गया। जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। अरविंद यादव ने ताइक्वांडो के माध्यम से आत्मरक्षा का संदेश दिया। समर्पण एकेडमी, उत्तम और अन्य कलाकारों ने नृत्य व योग की प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को और भी रंगीन बना दिया। सभी का स्वागत लोक चेतना के अध्यक्ष केके उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर संजय सिंह बबलू, प्रेम प्रकाश सिंह गौतम, विनोद शुक्ला, डॉ. अत्री भारद्वाज, डॉ. जितेंद्र तिवारी,पूजा श्रीवास्तव, आर.पी. कुशवाहा, अवधेश पाठक, अभिजीत दीक्षित, आर.के. साहू, अजय कुमार राय, अजीत सिंह बग्गा, सुरेंद्र सुगम, राजन तिवारी, अभिषेक देव, जगदीश सरस, कीर्ति साहू, अभिषेक गिरी, रैमल कश्यप, महिमा वर्मा, विनय गुप्त ‘तनहा’, जयशंकर, दयाराम विश्वकर्मा, छत्तीस द्विवेदी, संध्या श्रीवास्तव, पूनम मिश्रा, कुम्भू मौर्य, विदुषी अयन पटेल, के.के. उपाध्याय, कैलाश सिंह, निशांत वर्नवाल, भानु प्रताप, सोनू, मंजू जायसवाल, केशव प्रसाद सेठ, संजय श्रीवास्तव, प्रज्ञा श्रीवास्तव, अरुण मौर्य, राकेश शर्मा आदि थे।
