
अपर निदेशक का सख्त निर्देश: टीबी, टीकाकरण व गोल्डेन कार्ड कार्यों में तेजी लाएं
वाराणसी। अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, वाराणसी मंडल डा० नरेन्द्र देव शर्मा द्वारा मंडल के समस्त जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों तथा स्वास्थ्य विभाग एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संबंधित अधिकारियों के साथ बुधवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप उपलब्धियां समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाएं।
अपर निदेशक ने बताया कि यू०पी० हेल्थ डैशबोर्ड रैंकिंग में माह जनवरी 2026 में वाराणसी मंडल ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो सभी जनपदों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। जनपदवार रैंकिंग में वाराणसी द्वितीय, चन्दौली 11वें, जौनपुर 22वें एवं गाजीपुर 26वें स्थान पर रहे। सभी जनपदों द्वारा विगत माह की तुलना में सुधार प्रदर्शित करने पर सराहना की गई तथा निर्देश दिया गया कि सभी जनपद अपनी रैंकिंग 20 के भीतर सुनिश्चित करें। बैठक में संस्थागत प्रसव एवं सी-सेक्शन प्रसव की समीक्षा के दौरान जनपद गाजीपुर एवं जौनपुर की उपलब्धि कम पाई गई, जिसे बढ़ाने हेतु विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, जनपद जौनपुर में टीबी नोटिफिकेशन दर कम पाए जाने पर संबंधित डीटीओ से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निक्षय योजना के अंतर्गत सभी लाभार्थियों को डीबीटी माध्यम से शत-प्रतिशत भुगतान शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत “जीरो पॉवर्टी” लक्ष्य की समीक्षा में पाया गया कि गाजीपुर (98.80%), जौनपुर (99.50%), चन्दौली (98.90%) एवं वाराणसी (99.70%) में परिवारों का उच्च आच्छादन हो चुका है, किन्तु अभी भी हजारों लाभार्थियों के गोल्डेन कार्ड बनना शेष है। विशेष रूप से आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के परिवारों के लंबित गोल्डेन कार्ड को एक सप्ताह के विशेष अभियान चलाकर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। अपर निदेशक ने यह भी निर्देशित किया कि जिन कार्मिकों की ऑपरेटर आईडी बनाई गई है, उन्हें सक्रिय कर नियमित रूप से गोल्डेन कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए। परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत अस्थायी साधनों की उपलब्धि बढ़ाने तथा एफपीएलएमआईएस पोर्टल पर समय से डाटा एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। क्वालिटी एश्योरेंस कार्यक्रम के अंतर्गत सभी इकाइयों का कायाकल्प एवं एनक्यूएएस प्रमाणन सुनिश्चित करने हेतु जनपद स्तर पर कैलेंडर बनाकर कार्यवाही करने को कहा गया। 70 प्रतिशत से कम स्कोर वाले संस्थानों की विशेष समीक्षा कर सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मानव संसाधन की उपलब्धता पर जोर देते हुए रिक्त एमबीबीएस चिकित्सकों एवं अन्य पदों पर भर्ती शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, उपकेंद्र स्तर के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में ईडीएल के अनुसार सभी 82 दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। अनुशासन के तहत बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले सीएचओ के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा में यू-विन पोर्टल पर शून्य टीकाकरण सत्र पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। जनपद गाजीपुर में एचपीवी टीकाकरण प्रारंभ न होने पर असंतोष व्यक्त करते हुए इसे तत्काल शुरू कराने को कहा गया। जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत सभी लंबित भुगतान शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
अपर निदेशक डा० नरेन्द्र देव शर्मा ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाए, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
