वाराणसी।रामापुरा स्थित छुपे हुए अति प्राचीन श्री राम जानकी मंदिर में रामनवमी के पावन अवसर पर भव्य संगीत समारोह का आयोजन किया गया । कार्यक्रम संयोजक पं चन्द्रशेखर द्राविड़ घनपाठी ने बताया कि प्रातः सर्वप्रथम भगवान के विग्रह का षोडशोपचार पूजन और भव्य महा आरती की गई तत्पश्चात चारों वेदों के प्रतिष्ठित वैदिक विद्वानों द्वारा वेद घोष किया गया ।

इस अवसर पर आयोजित संगीत समारोह के आयोजक बाबा स्कूल आफ म्यूजिक के श्री रवि जी ने बताया कि संगीत समारोह का मुख्य आकर्षण पद्मश्री पंडित ऋतिक सान्याल द्वारा ध्रुपद गायन किया गया जिनके साथ पखावज पर संगत कलाकार श्री आदित्यदीप जी थे।

प्रो प्रवीण उद्धव जी का तबला वादन ,पवन चौबे ,डॉ जयशंकर,प्रणव शंकर,मोहित साहनी,उज्जवल साहनी एवं सुश्री शिखा द्विवेदी,सुश्री रामा सिंह द्वारा गायन प्रस्तुत किया गया। जिनके साथ संगत कलाकार सिद्धांत मिश्रा ,डॉ विवेक जैन,पंकज शर्मा, दुर्गेश यादव,करण मिश्र,अंकित बारी,निखिल सोनी आदि ने तबला और हारमोनियम पर संगत किया। पंडित पूरण महाराज एवं अवंतिका महाराज द्वारा युगल तबला वादन प्रस्तुत किया गया जिनके साथ ध्रुव सहाय जी ने सारंगी पर संगत की। इसके अलावा पंडित नरेंद्र मिश्र एवं अमरेंद्र मिश्र द्वारा सितार वादन किया गया जिनके साथ संगत कलाकार श्री आदित्य मिश्रा जी थे।

मुख्य कलाकार श्री रवि त्रिपाठी एवं अशेष नारायण मिश्र द्वारा युगल तबला वादन हुआ जिसमें संगत कलाकार श्री विनायक सहाय जी थे। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से धर्म संस्कृति संगम के राष्ट्रीय सचिव दीनदयाल पांडे जी ,वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र प्रताप पांडे जी ,संगीतसेवी देवेंद्र कुमार पांडे जी, धर्म संस्कृति संगम के काशी प्रांत महासचिव डॉक्टर लेखमणि त्रिपाठी विमल जी, सुप्रसिद्ध वैदिक विद्वान पंडित चन्द्रशेखर द्राविड़ घनपाठी,चल्ला सुब्बा राव, धुलीपाल्ला नारायण शास्त्री,गौरव दीक्षित सौरव दीक्षित मुरली जी गुरुजी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। मंदिर के श्रीमहंत पंडित जगदीश शंकर दीक्षित जी ने बताया कि यह काशी का अति प्राचीन श्री राम जानकी मंदिर है,।

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