
सहस्त्र नाम की 25 आवृत्तियों के साथ श्री राम प्रभु का लक्ष तुलसी अर्चन 25 सौभाग्यवती महिलाओं ने जानकी का किया कुंकुमार्चन
रिपोर्ट :-अनुपम भट्टाचार्य
वाराणसी। काशी के मानसरोवर तीर्थ क्षेत्र की धनी वीथिकाएं रविवार को सहस्त्र नाम के घोष से पावन-पावन हो गई।
अवसर था क्षेत्र को श्री रामतारक आंध्रा आश्रम की अँगनाई में बीते 11दिनों से चल रहे श्री राम साम्राज्य पट्टाभिषेक महोत्सब के समारोप सत्र का। महोत्सव का समापन 30 मार्च की शाम मंडप से निकलने वाली श्री राम पंचायतन की शोभायात्रा के साथ होगा। महोत्सव के यज्ञ मंडप में आएं देश के कोने-कोने आए वैदिकों ने श्री राम सहस्त्रनाम के एक लाख मंत्रों के जाप सहित लक्ष तुलसी दल से श्रीराम प्रभु का हरियाली श्रृंगार किया दूसरी ओर स्थानीय व तीर्थ यात्रा पर आई तीस से भी अधिक श्रद्धालु महिलाओं ने देवी सीता को कुमकुम अर्पित कर उनका वंदन किया।
इसने पूर्व महोत्सव के मुख्य आचार्य उलीमिरी सोमायाजुल ने अभी शनिवार को राजसिंहास पर बैठे राजाधिराज श्री राम सीता के श्री चरणों में स्तुतियां समर्पित की और यज्ञ कुड में अंतिम आहुति भेंट कर महोत्सव को अगले वर्ष तक के लिए विराम दिया।
उन्होने बताया कि अनुष्ठान विशेष की रीति-नीति के अनुसार चौथे साल महासम्राज्य पत्ताभिषेक का आयोजन किया जाएगा। इसमे देश विदेश से आए सैकड़ों राम भक्त उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
यज्ञ के मुख्य यजमान श्री राम तारक आंध आश्रम के मैनेजिंग ट्रस्टी वी वी सुंदर शास्त्री ने मडयों मे विराजमान सभी देवताओं की आरती उतारी। उत्सत समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ । बताया गया कि महोत्सव के समारोह के उपलक्ष्य में 30 मार्च शाम 4 30 बजे को भी राम पंचायतन की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
कार्यक्रम का संचालन आश्रम के मैनेजर वी वी सीताराम ने किया
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से ऐन रामचंद्र मूर्ति,अंजनेय मूर्ति, चेनुलु, मार्कण्डेय शास्त्री, कुमार अजय, श्रीमती धवल रानी, रमा देवी, रुक्मिणी, वेमुरी उमा,वेमुरी धारणिया आदि लोग उपस्थित रहे।
