वाराणसी। उपन्यास सम्राट प्रेमचंद की जन्मस्थली लमही स्थित में प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र द्वारा आयोजित सुनो मैं प्रेमचंद कार्यक्रम के 1868वें दिवस पर प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी खून सफेद का पाठ किया गया। कहानी का पाठ दीपशी मिश्रा ने किया। संरक्षक डॉ. मनोहर लाल ने कहा कि ‘खून सफेद’ केवल एक कहानी नहीं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी है। प्रेमचंद हमें सिखाते हैं कि रिश्तों की असली पहचान संकट के समय होती है। उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य अपने स्वार्थ पर नियंत्रण न रखे तो वह अपने ही खून का दुश्मन बन सकता है। दीपशी मिश्रा को संरक्षक डॉ. मनोहर लाल और निदेशक राजीव गोंड ने सम्मानित किया। इस मौके पर सूर्यदीप कुशवाहा, रामजतन पाल, राहुल यादव, रोहित गुप्ता, विपनेश सिंह, संजय श्रीवास्तव, राधेश्याम पासवान आदि थे। संचालन आयुषी दुबे और स्वागत राहुल यादव ने किया।

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